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Lucknow News: लखनऊ में पहली मदर एंड न्यू बाॅर्न केयर यूनिट होगी शुरू
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लखनऊ। बीकेटी स्थित रामसागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय में लखनऊ की पहली मदर एंड न्यू बाॅर्न केयर यूनिट (एमएनसीयू) शुरू होगी। अभी तक जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल व संस्थान में इसकी सुविधा नहीं है। 44 बेड की इस यूनिट में बीमार शिशु के साथ मां भी भर्ती होगी।
अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि 24 बेड पर मां और शिशु भर्ती किए जाएंगे। बाकी 20 बेड पर दूसरी बीमारी से पीड़ित शिशु भर्ती किए जाएंगे। यह सिक न्यूबाॅर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) से अलग होगी। उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चे जिनका जन्म के साथ वजन 1800 ग्राम से ढाई किलो के बीच रहता है, उन्हें इसमें भर्ती किया जाएगा। भर्ती से पहले मां को शिशु की देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। यूनिट में रेडिएंट वार्मर, सीपीएपी मशीन, ऑक्सीजन और सक्शन सुविधाओं सहित लेवल, गहन देखभाल उपकरण की सुविधा होगी।
मां का दूध सुरक्षित रखा जा सकेगा
डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि यूनिट में लेक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट भी बनेगी। इसमें मां का दूध सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद कुछ माताओं को अधिक दूध आता है। ऐसे में उस दूध को सुरक्षित रखा जाएगा।
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यूनिट में वार्मर भी होगा
बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. एसके सिंह ने बताया कि यूनिट में एक वार्मर भी होगा, जो बच्चे के शरीर के तापमान को ठीक रखेगा। वार्ड में गंभीर रूप से बीमार बच्चों के लिए ऑक्सीजन सुविधा भी होगी। मां वार्ड के भीतर ही शिशु को स्तनपान करा सकेगी।
एमएनसीयू के लाभ
-स्तनपान को बढ़ावा मिलेगा
-शिशु की देखरेख में माताओं की अधिक भागीदारी
-परिवार के सदस्यों के लिए बेहतर सीखने के अवसर
-परिवार के सदस्यों के लिए तनाव का स्तर कम किया जाएगा
-अच्छी देखभाल से शिशुओं की मृत्यु दर में कमी लाई जाएगी
-शिशुओं में हाइपोथर्मिया की कमी लाई जाएगी
-शिशुओं में सेप्सिस की आशंका कम करना
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अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि 24 बेड पर मां और शिशु भर्ती किए जाएंगे। बाकी 20 बेड पर दूसरी बीमारी से पीड़ित शिशु भर्ती किए जाएंगे। यह सिक न्यूबाॅर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) से अलग होगी। उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चे जिनका जन्म के साथ वजन 1800 ग्राम से ढाई किलो के बीच रहता है, उन्हें इसमें भर्ती किया जाएगा। भर्ती से पहले मां को शिशु की देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। यूनिट में रेडिएंट वार्मर, सीपीएपी मशीन, ऑक्सीजन और सक्शन सुविधाओं सहित लेवल, गहन देखभाल उपकरण की सुविधा होगी।
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मां का दूध सुरक्षित रखा जा सकेगा
डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि यूनिट में लेक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट भी बनेगी। इसमें मां का दूध सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद कुछ माताओं को अधिक दूध आता है। ऐसे में उस दूध को सुरक्षित रखा जाएगा।
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यूनिट में वार्मर भी होगा
बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. एसके सिंह ने बताया कि यूनिट में एक वार्मर भी होगा, जो बच्चे के शरीर के तापमान को ठीक रखेगा। वार्ड में गंभीर रूप से बीमार बच्चों के लिए ऑक्सीजन सुविधा भी होगी। मां वार्ड के भीतर ही शिशु को स्तनपान करा सकेगी।
एमएनसीयू के लाभ
-स्तनपान को बढ़ावा मिलेगा
-शिशु की देखरेख में माताओं की अधिक भागीदारी
-परिवार के सदस्यों के लिए बेहतर सीखने के अवसर
-परिवार के सदस्यों के लिए तनाव का स्तर कम किया जाएगा
-अच्छी देखभाल से शिशुओं की मृत्यु दर में कमी लाई जाएगी
-शिशुओं में हाइपोथर्मिया की कमी लाई जाएगी
-शिशुओं में सेप्सिस की आशंका कम करना