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Lucknow : यूपी के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में छात्र अनुपात से होगी शिक्षकों की तैनाती, मांगा गया ब्योरा
Sun, 27 Nov 2022 02:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 27 Nov 2022 02:16 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की तैनाती करने की तैयारी फिर शुरू हो गई है। इसके लिए सभी विद्यालयों के विषयवार छात्रों व शिक्षकों का ब्योरा मांगा गया है। ब्योरा आने के बाद विद्यालयवार समीक्षा होगी और फिर जरूरत के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। इस संबंध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने शनिवार को सभी डीआईओएस को निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा है कि विद्यालयों में शिक्षकों की तर्कसंगत व समानुपातिक तैनाती जरूरी है। इसलिए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों का ब्योरा जुटाया जाए। उन्होंने छात्र नामांकन व कार्यरत शिक्षकों का विवरण निर्धारित प्रारूप में दस दिन में निदेशक माध्यमिक शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
माना जा रहा है कि ब्योरा जुटाने के बाद न केवल जरूरत के अनुसार शिक्षकों को इधर, उधर किया जाएगा, बल्कि विषयवार कम ज्यादा शिक्षकों व छात्रों के नामांकन की स्थिति की समीक्षा भी हो सकेगी। सूत्र इस कवायद को सरप्लस शिक्षकों के तबादलों से जोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि चालू शैक्षिक सत्र में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन शासन ने इस पर रोक लगा दी थी। राजकीय शिक्षक संघ ने भी इस पर एतराज जताया था।
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उन्होंने कहा है कि विद्यालयों में शिक्षकों की तर्कसंगत व समानुपातिक तैनाती जरूरी है। इसलिए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों का ब्योरा जुटाया जाए। उन्होंने छात्र नामांकन व कार्यरत शिक्षकों का विवरण निर्धारित प्रारूप में दस दिन में निदेशक माध्यमिक शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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माना जा रहा है कि ब्योरा जुटाने के बाद न केवल जरूरत के अनुसार शिक्षकों को इधर, उधर किया जाएगा, बल्कि विषयवार कम ज्यादा शिक्षकों व छात्रों के नामांकन की स्थिति की समीक्षा भी हो सकेगी। सूत्र इस कवायद को सरप्लस शिक्षकों के तबादलों से जोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि चालू शैक्षिक सत्र में सरप्लस शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन शासन ने इस पर रोक लगा दी थी। राजकीय शिक्षक संघ ने भी इस पर एतराज जताया था।
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