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Lucknow News: विभाग ने अटकाई सूचना...विवेचना पर ब्रेक, आरोपी पकड़ से दूर

Mon, 10 Nov 2025 02:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Mon, 10 Nov 2025 02:15 AM IST
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The department withheld information... investigation put on hold, the accused out of reach
सै. सगीर अब्बास रिजवी
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लखनऊ। आयुष्मान योजना में 9.94 करोड़ के घपले की एफआईआर दर्ज होने के पांच महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसके पीछे साचीज एजेंसी और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही है, क्योंकि दोनों की तरफ से पुलिस को अब तक दस्तावेज व जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
छह जून को हजरतगंज थाने में आयुष्मान के तहत भुगतान कराने वाली एजेंसी साचीज के नोडल अधिकारी डॉ. ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने केस दर्ज कराया था। इसमें बताया गया था कि एजेंसी के सीईओ, मैनेजर और लेखाधिकारी की ईमेल आईडी का दुरुपयोग कर पूरी रकम का घपला किया गया। एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि पड़ताल में पता चला कि 39 अस्पतालों के 6239 लाभार्थियों के नाम पर भुगतान कर रकम हड़पी गई थी। यह काम एक मई 2025 से 22 मई 2025 तक रात के समय किए गए। महज 22 दिन में जालसाजों ने 9.94 करोड़ रुपये स्थानांतरित कर दिए थे।
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अब तक सात करोड़ रुपये की रिकवरी भी हो चुकी है। बची रकम हासिल करने के लिए प्रयास जारी है। एसीपी ने बताया कि इस केस में साचीज और स्वास्थ्य विभाग से ट्रांजेक्शन के लिए प्रयोग किए गए आईपी एड्रेस (इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस) और कर्मचारियों का पूरा ब्योरा मांगा गया था। अब तक पूरी जानकारी नहीं मिल सकी है। केस के विवेचक ने तीन बार पत्र भी लिखा। तब भी कोई डिटेल नहीं मिली। साक्ष्य व सुबूत की कमी की वजह से विवेचना पूरी नहीं हो पा रही है और आरोपी भी पकड़ से दूर हैं।
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जानकारी देने में देरी से कर्मचारियों की भूमिका पर शक
इस केस से जुड़े पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक यह तय नहीं हो सका है कि इस घपले में किन-किन लोगों की भूमिका है। सूत्र बताते हैं कि बिना मिलीभगत के इतना बड़ा घपला नहीं हो सकता है। ऐसे में कर्मचारियों की भूमिका भी शक के घेरे में है। शायद यही वजह है कि संबंधित विभाग के लोग पूरी व सही सूचना देने में देरी कर रहे हैं।
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