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Lucknow News: ठग अनुभव मित्तल को मोबाइल देने वाला सिपाही गिरफ्तार
Mon, 10 Nov 2025 02:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 10 Nov 2025 02:14 AM IST
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लखनऊ।
जेल में बंद 3700 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी अनुभव मित्तल को मोबाइल फोन देने वाले सिपाही अजय कुमार को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। जिन धाराओं में केस दर्ज है, उसमें सात साल से कम की सजा का प्रावधान होने के कारण आरोपी सिपाही को कोर्ट से कुछ ही घंटों में जमानत मिल गई। गोसाईंगंज पुलिस ने आरोपी सिपाही के निलंबन की रिपोर्ट पुलिस आयुक्त को भेजी है।
डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि आरोपी सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच होगी। इसके लिए उसे 41ए का नोटिस दिया गया है। इसके तहत जांच में सहयोग के लिए आरोपी को पुलिस स्टेशन में उपस्थित होना होगा। छानबीन में पता चला है कि चार नवंबर को पुलिस लाइन में तैनात सिपाही अजय कुमार जेल में बंद आरोपी अनुभव को जेल से पेशी पर कोर्ट लेकर गया था। अनुभव ने केस का स्टेटस जानने के लिए उसका फोन मांगा था। इसी दौरान अनुभव ने उसके फोन में नई ईमेल आईडी बनाई। आरोपी ने सेटिंग में जाकर टाइमर लगाया। इसकी वजह से अगले दिन पांच नवंबर को सुबह 8:50 बजे महेंद्र कुमार के नाम से ऑटोमेटिक ईमेल हाईकोर्ट के न्यायाधीश के पास चला गया। ईमेल में एक जज की हत्या की बात लिखी गई थी। जांच में सारा राज खुला। जेल चौकी इंचार्ज अरविंद कुमार की तहरीर पर गोसाईंगंज थाने में अनुभव मित्तल और सिपाही अजय कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया गया। आरोपी सिपाही मूल रूप से संतकबीरनगर के कढवई महुली गांव का रहने वाला है।
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पत्नी से दुर्व्यवहार का बदला लेना चाहता था अनुभव
जांच में पता चला कि जेल में कैंपबेल रोड ठाकुरगंज निवासी आनंदेश्वर अग्रहरि पत्नी की हत्या के आरोप में दिसंबर 2023 से बंद है। वह जेल अस्पताल में लिखने का काम करता है। अनुभव मित्तल की पत्नी आयुषी मित्तल भी लखनऊ जिला जेल में बंद है। आनंदेश्वर ने आयुषी के साथ दुर्व्यवहार किया था। अनुभव आनंदेश्वर से इसका बदलना लेना चाहता था। इसलिए उसने ईमेल में आनंदेश्वर का नाम लिखते हुए उसे आरोपी बताया था।
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ताकि आनंदेश्वर पर ही शक पुख्ता हो जाए
ईमेल में इस बात का जिक्र किया गया था कि आनंदेश्वर ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ बेंच में जमानत के लिए अर्जी दी थी। दो बार जमानत अर्जी निरस्त हो गई। इससे वह नाराज है। वह जमानत अर्जी खारिज करने वाले लखनऊ बेंच के एक जज की हत्या की साजिश रच रहा है। इसके लिए उसने दो बंदियों को जिला अस्पताल में भर्ती भी कराया था। दोनों कुछ दिन पहले रिहा हो गए हैं। उन्हीं के साथ उसने जज साहब की हत्या की साजिश रची है।