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Lucknow News: शारजाह से घर पहुंचा मर्चेंट नेवी के इंजीनियर का शव, मचा कोहराम
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अनुराग तिवारी की पत्नी को संभालने परिवारीजन।
लखनऊ।
इंदिरानगर के सेक्टर 21 में रहने वाले मर्चेंट नेवी में इंजीनियर अनुराग तिवारी की 29 जून को शारजाह में मौत हो गई थी। एक सप्ताह बाद शनिवार को उसका शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। जवान बेटे का शव देखकर माता-पिता बिलख पड़े। वहीं अनुराग की पत्नी बेहोश हो गईं। किसी तरह लोगों ने परिवार को संभाला।
शव के घर पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन करने पहुंचे। सिसकियों के बीच भैंसा कुंड पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। अनुराग मर्चेंट नेवी में इंजीनियर थे। परिजनों ने बताया कि सिनर्जी एरेबिसा सी-शिपिंग कंपनी की ओर से नई शिप शुरू करने के लिए 19 जून को दुबई गए थे। 28 जून तक वह होटल में ठहरे थे। 29 जून को शारजाह पोर्ट पहुंचे। इसके बाद शिप के इंजन रूम में संदिग्ध हालात में उनकी मौत हो गई थी। अनुराग के पिता अनिल तिवारी लेसा के चीफ इंजीनियर पद से सेवानिवृत्त हैं। अनुराग दो भाइयों में बड़े थे। अनुराग के छोटे भाई मयंक तिवारी सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं। बेटे की मौत से मां दीपा तिवारी सदमे में हैं।
एक हफ्ते से शव आने का इंतजार कर रहा था परिवार
एक सप्ताह से पूरा परिवार शारजाह से शव आने का इंतजार कर रहा था। अनुराग की मौत की खबर जब से परिजनों को मिली थी तब से घर में मातम पसरा था। शनिवार को अनुराग के माता-पिता, भाई और पत्नी कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थीं। परिजनों का आरोप है कि सिनर्जी कंपनी के अधिकारियों ने अनुराग की मौत की सूचना देर से दी थी। परिजनों ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि ऐसी क्या परिस्थिति थी कि अनुराग की मौत शिप के इंजन रूम में हो गई।
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इंदिरानगर के सेक्टर 21 में रहने वाले मर्चेंट नेवी में इंजीनियर अनुराग तिवारी की 29 जून को शारजाह में मौत हो गई थी। एक सप्ताह बाद शनिवार को उसका शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। जवान बेटे का शव देखकर माता-पिता बिलख पड़े। वहीं अनुराग की पत्नी बेहोश हो गईं। किसी तरह लोगों ने परिवार को संभाला।
शव के घर पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन करने पहुंचे। सिसकियों के बीच भैंसा कुंड पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। अनुराग मर्चेंट नेवी में इंजीनियर थे। परिजनों ने बताया कि सिनर्जी एरेबिसा सी-शिपिंग कंपनी की ओर से नई शिप शुरू करने के लिए 19 जून को दुबई गए थे। 28 जून तक वह होटल में ठहरे थे। 29 जून को शारजाह पोर्ट पहुंचे। इसके बाद शिप के इंजन रूम में संदिग्ध हालात में उनकी मौत हो गई थी। अनुराग के पिता अनिल तिवारी लेसा के चीफ इंजीनियर पद से सेवानिवृत्त हैं। अनुराग दो भाइयों में बड़े थे। अनुराग के छोटे भाई मयंक तिवारी सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं। बेटे की मौत से मां दीपा तिवारी सदमे में हैं।
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एक हफ्ते से शव आने का इंतजार कर रहा था परिवार
एक सप्ताह से पूरा परिवार शारजाह से शव आने का इंतजार कर रहा था। अनुराग की मौत की खबर जब से परिजनों को मिली थी तब से घर में मातम पसरा था। शनिवार को अनुराग के माता-पिता, भाई और पत्नी कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थीं। परिजनों का आरोप है कि सिनर्जी कंपनी के अधिकारियों ने अनुराग की मौत की सूचना देर से दी थी। परिजनों ने पूरे मामले की जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि ऐसी क्या परिस्थिति थी कि अनुराग की मौत शिप के इंजन रूम में हो गई।
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