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Lucknow News: थाईलैंड के अनुयायियों ने जेतवन में की प्रार्थना
Sat, 18 Jan 2025 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 18 Jan 2025 11:49 PM IST
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कटरा (श्रावस्ती)। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती शनिवार अनुयायियों से गुलजार रही। थाईलैंड से आए अनुयायियों ने जेतवन में पूजा की। इसके बाद सभी बौद्ध अनुयायियों ने तपोस्थली का भ्रमण कर ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बुद्ध सभा का भी आयोजन हुआ।
इस दौरान आयोजित बौद्ध सभा में बौद्ध भिक्षु निर्मल सागर ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य बुद्ध बन सकता है। बौद्ध धर्म में बुद्ध बनने के उपाय बताए गए हैं। बौद्ध धर्म की मान्यता है कि बुद्ध बनने की इच्छा रखने वाले को 10 पारमिताएं पूरी करनी पड़ती हैं। यह पारमिताएं हैं दान, शील, नैष्कर्म्य, प्रज्ञा, वीर्य, शांति, सत्य, अधिष्ठान, मैत्री, और उपेक्षा। पारमिताएं नैतिक मूल्य होती हैं जिनका अनुशीलन बुद्धत्व की ओर ले जाता है।
तथागत बुद्ध लोगों को अहिंसा की शिक्षा प्रदान करते थे। इससे जन सामान्य व अनेक राजा भी प्रभावित हुए और उन्होंने युद्ध करना छोड़ दिया। उन्होंने अहिंसा के साथ आत्मरक्षा के उपदेश भी दिए। तथागत बुद्ध ने केवल मनुष्य के साथ अहिंसा पर ही नहीं बल्कि इस चराचर जगत में उपस्थित सभी प्रकार के जीव-जंतुओं की अहिंसा पर बल दिया।
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इस दौरान आयोजित बौद्ध सभा में बौद्ध भिक्षु निर्मल सागर ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य बुद्ध बन सकता है। बौद्ध धर्म में बुद्ध बनने के उपाय बताए गए हैं। बौद्ध धर्म की मान्यता है कि बुद्ध बनने की इच्छा रखने वाले को 10 पारमिताएं पूरी करनी पड़ती हैं। यह पारमिताएं हैं दान, शील, नैष्कर्म्य, प्रज्ञा, वीर्य, शांति, सत्य, अधिष्ठान, मैत्री, और उपेक्षा। पारमिताएं नैतिक मूल्य होती हैं जिनका अनुशीलन बुद्धत्व की ओर ले जाता है।
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तथागत बुद्ध लोगों को अहिंसा की शिक्षा प्रदान करते थे। इससे जन सामान्य व अनेक राजा भी प्रभावित हुए और उन्होंने युद्ध करना छोड़ दिया। उन्होंने अहिंसा के साथ आत्मरक्षा के उपदेश भी दिए। तथागत बुद्ध ने केवल मनुष्य के साथ अहिंसा पर ही नहीं बल्कि इस चराचर जगत में उपस्थित सभी प्रकार के जीव-जंतुओं की अहिंसा पर बल दिया।
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