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Lucknow News: बसंतकुंज डिपो के सिविल निर्माण का टेंडर जारी, 127 करोड़ से बनेगा ग्रीन डिपो
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लखनऊ मेट्रो।
लखनऊ। लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के तहत बसंतकुंज में बनने वाले डिपो के सिविल निर्माण का टेंडर जीएचवी (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित कर दिया गया है। निविदा प्रक्रिया में पांच कंपनियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें जीएचवी इंडिया ने सबसे कम बोली लगाई। पहले इस कार्य की अनुमानित लागत करीब 150 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिसे अब करीब 127 करोड़ रुपये तय किया गया है।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि बसंतकुंज डिपो को आधुनिक, तकनीक-संचालित और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह डिपो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर चलने वाली मेट्रो ट्रेनों के रखरखाव, निरीक्षण और स्टेब्लिंग के लिए मुख्य केंद्र (हब) बनेगा। मौजूदा ट्रांसपोर्ट नगर डिपो की तर्ज पर इसे पूरी तरह सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें पहियों के रखरखाव के लिए पिट व्हील लेथ मशीन, कोचों को उठाने के लिए फुल ऑटोमैटिक सिंक्रोनाइज्ड पिट जैक व मोबाइल जैक मशीनें, बोगी टर्न टेबल्स और ऑटोमैटिक ट्रेन वाशिंग प्लांट्स, इलेक्ट्रिक बोगी शंटर्स, आपातकालीन री-रेलिंग और रेस्क्यू व्हीकल्स जैसी उन्नत प्रणालियां तैनात की जाएंगी।
पर्यावरण स्थिरता के लिए बनेगा ग्रीन डिपो
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए इसे ग्रीन डिपो के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत परिसर में जीरो डिस्चार्ज सुविधा और डुअल-प्लंबिंग सिस्टम लागू होगा। पानी के पुन: उपयोग के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट को मिलाकर एक सिंगल इंटीग्रेटेड यूनिट बनाई जाएगी। साथ ही आपातकालीन और दैनिक जरूरतों के लिए रॉ, डोमेस्टिक और फायर वॉटर टैंकों का निर्माण भी किया जाएगा।
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यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि बसंतकुंज डिपो को आधुनिक, तकनीक-संचालित और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह डिपो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर चलने वाली मेट्रो ट्रेनों के रखरखाव, निरीक्षण और स्टेब्लिंग के लिए मुख्य केंद्र (हब) बनेगा। मौजूदा ट्रांसपोर्ट नगर डिपो की तर्ज पर इसे पूरी तरह सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें पहियों के रखरखाव के लिए पिट व्हील लेथ मशीन, कोचों को उठाने के लिए फुल ऑटोमैटिक सिंक्रोनाइज्ड पिट जैक व मोबाइल जैक मशीनें, बोगी टर्न टेबल्स और ऑटोमैटिक ट्रेन वाशिंग प्लांट्स, इलेक्ट्रिक बोगी शंटर्स, आपातकालीन री-रेलिंग और रेस्क्यू व्हीकल्स जैसी उन्नत प्रणालियां तैनात की जाएंगी।
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पर्यावरण स्थिरता के लिए बनेगा ग्रीन डिपो
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए इसे ग्रीन डिपो के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत परिसर में जीरो डिस्चार्ज सुविधा और डुअल-प्लंबिंग सिस्टम लागू होगा। पानी के पुन: उपयोग के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट को मिलाकर एक सिंगल इंटीग्रेटेड यूनिट बनाई जाएगी। साथ ही आपातकालीन और दैनिक जरूरतों के लिए रॉ, डोमेस्टिक और फायर वॉटर टैंकों का निर्माण भी किया जाएगा।
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