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Lucknow News: पारा <bha>@</bha> 32.8, 13 वर्षों में तीसरी बार इतनी गर्म हुई फरवरी
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लखनऊ। फरवरी के अंतिम सप्ताह में गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री रहा। बीते 13 वर्षों में फरवरी तीसरी बार इतनी गर्म हुई है। वर्ष 2016 और 2021 को छोड़ दें तो मंगलवार फरवरी में अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। 21 फरवरी की रात भी 16 डिग्री पारे के साथ इस सीजन में सबसे गर्म रही। न्यूनतम तापमान ने बीते साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 2022 की फरवरी में यह अधिकतम 15.8 डिग्री तक ही पहुंचा था।
मंगलवार को सुबह से दोपहर तक तेज धूप के चलते कार्यालयों में एसी चलाने पड़े। रात का पारा भी अधिक होने से लोगों को पंखे की जरूरत महसूस हुई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ की कम सक्रियता इसका एक प्रमुख कारण है।
2011 से 2022 के बीच अधिकतम तापमान का उच्च स्तर
इस दौरान वर्ष 2016 में अधिकतम तापमान 33.3 और 2021 में 33.6 डिग्री तक पहुंच गया था। अन्य सालों में यह इस प्रकार रहा-
वर्ष अधिकतम उच्च तापमान
2011 31.0
2012 31.2
2013 29.6
2014 28.3
2015 31.6
2017 32.3
2018 32.5
2019 30.5
बढ़ती गर्मी का कारण
आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, लखनऊ में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता नगण्य हो गई है। इससे बादल, बारिश व कोहरे का प्रभाव कम हो गया है। आसमान साफ रहने से फरवरी के दूसरे पखवाड़े में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर चला गया है। वरिष्ठ भू वैज्ञानिक प्रो. ध्रुव सेन सिंह कहते हैं कि जनवरी में और फरवरी के शुरुआती दिनों में ठंड से वाष्पीकरण नहीं हो पाया। इसी तेजी से तापमान बढ़ेगा तो आने वाले समय में दबाव पड़ने से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। जितना ज्यादा दबाव पड़ेगा, उतना अधिक बारिश की संभावना बढ़ेगी।
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मंगलवार को सुबह से दोपहर तक तेज धूप के चलते कार्यालयों में एसी चलाने पड़े। रात का पारा भी अधिक होने से लोगों को पंखे की जरूरत महसूस हुई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ की कम सक्रियता इसका एक प्रमुख कारण है।
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2011 से 2022 के बीच अधिकतम तापमान का उच्च स्तर
इस दौरान वर्ष 2016 में अधिकतम तापमान 33.3 और 2021 में 33.6 डिग्री तक पहुंच गया था। अन्य सालों में यह इस प्रकार रहा-
वर्ष अधिकतम उच्च तापमान
2011 31.0
2012 31.2
2013 29.6
2014 28.3
2015 31.6
2017 32.3
2018 32.5
2019 30.5
बढ़ती गर्मी का कारण
आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, लखनऊ में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता नगण्य हो गई है। इससे बादल, बारिश व कोहरे का प्रभाव कम हो गया है। आसमान साफ रहने से फरवरी के दूसरे पखवाड़े में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर चला गया है। वरिष्ठ भू वैज्ञानिक प्रो. ध्रुव सेन सिंह कहते हैं कि जनवरी में और फरवरी के शुरुआती दिनों में ठंड से वाष्पीकरण नहीं हो पाया। इसी तेजी से तापमान बढ़ेगा तो आने वाले समय में दबाव पड़ने से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। जितना ज्यादा दबाव पड़ेगा, उतना अधिक बारिश की संभावना बढ़ेगी।
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