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टेली कंसल्टेशन से मिलेगा फायदा : सीएम योगी बोले, प्राथमिकता से कराएं हेल्थ एटीएम की स्थापना
Mon, 12 Jul 2021 12:24 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 12 Jul 2021 12:24 AM IST
सार
सीएम की ओर से लॉन्च किए गए एप की मदद से अब घर बैठे ही पता चल सकेगा कि किस अस्पताल में क्या दवाएं हैं और किस-किस विधा के डॉक्टर हैं। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत प्रदेश में लॉन्च इस एप को अभी अधिकारियों तक सीमित रखा गया है।
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- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हेल्थ एटीएम की स्थापना प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को रणनीति बनाने के निर्देश दिए हैं। वे रविवार को अपने आवास पर नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत स्वास्थ्य एप को लॉन्च करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
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उन्होंने कहा कि हेल्थ एटीएम की स्थापना के लिए जनप्रतिनिधियों व संस्थानों के सीएसआर आदि से सहयोग लिया जाए। हेल्थ एटीएम से प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में आसानी से जांच की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। टेली कंसल्टेशन से दूरदराज के रोगियों को भी विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श आसानी से मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग शगुन किट का अभियान जनजन तक पहुंचाए। यह युवाओं को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने में सहायक होगा।
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एप से घर बैठे मिलेगी अस्पताल की जानकारी
सीएम की ओर से लॉन्च किए गए एप की मदद से अब घर बैठे ही पता चल सकेगा कि किस अस्पताल में क्या दवाएं हैं और किस-किस विधा के डॉक्टर हैं। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत प्रदेश में लॉन्च इस एप को अभी अधिकारियों तक सीमित रखा गया है। जल्द ही इसे आमजन के लिए उपलब्ध क राया जाएगा। एप में हर जिले के अस्पताल, स्टाफ, दवा सहित सभी तरह की सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी। शहर से लेकर गांव के अस्पतालों के डाटा से लैस इस एप से लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। प्रदेश के 25 हजार से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों की डिजिटल मैपिंग करते हुए इसे तैयार किया गया है। इस पर सीएचसी, पीएचसी और सब सेंटर का डाटा देखा जा सकता है।
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टीएफआर सहित अन्य मानक हासिल किए
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार साल से राज्य में टोटल फर्टिलिटी रेट (टीएफआर), मैटरनल मॉर्टेलिटी रेशियो (एमएमआर) एवं इंफैंट मॉर्टेलिटी रेट (आईएमआर) को कम करने की दिशा में प्रयास किया गया है। वर्ष 2016 में राज्य में टीएफआर 3.3 तथा राष्ट्रीय स्तर पर 2.6 था। वर्तमान में यह घटकर राज्य में 2.7 तथा राष्ट्रीय स्तर पर 2.3 हो गया है। इसी प्रकार वर्ष 2016 में प्रदेश में एमएमआर 258 तथा राष्ट्रीय स्तर पर 178 था। वर्तमान में यह कम होकर राज्य में 197 तथा राष्ट्रीय स्तर पर 113 हो गया है। आईएमआर में भी कमी आई है।
11 जिलों में शुरू हुई बीएसएल टू लैब
प्रदेश के 11 जिलों में बीएसएल टू लैब शुरू हो गई है। जल्द ही 30 अन्य जिलों में भी इसे शुरू किया जाएगा। रविवार को मुख्यमंत्री ने नई लैब का अपने आवास पर वर्चुअल लोकार्पण किया। जिन 11 जिलों में नई लैब का शुभारंभ हुआ है उनमें बिजनौर, मऊ, सिद्धार्थनगर, महोबा, सोनभद्र, कासगंज, कुशीनगर, अमेठी, औरैया, देवरिया, बुलंदशहर शामिल हैं। अब यहां आरटीपीआर की जांच हो सकेगी।