तेजस एक्सप्रेस में सेंसर वाली पानी की टोटियां मुसीबत बन गई है। ट्रेन चलने पर जैसे ही इन टोटियों पर ‘छाया’ पड़ती तो यह ऑन हो जाती हैं और पानी बहने लगता है। इससे पानी खत्म हो जाने के कारण यात्रियों को समस्या होती है। आईआरसीटीसी ने अब इन टोटियों को बदलने की कवायद शुरू की है। देश की पहली कॉर्पोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का गत चार अक्तूबर से लखनऊ जंक्शन व नई दिल्ली के बीच संचालन शुरू हुआ था। ट्रेन जंक्शन से सुबह 6.10 बजे चलकर दोपहर 12.25 बजे नई दिल्ली पहुंच जाती है। सवा छह घंटे में सफर पूरा होने की वजह से यह यात्रियों की पसंदीदा ट्रेन बन गई है।
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तेजस में पानी की टोटियां बनी मुसीबत, बिना ऑन करे बहने लगता है पानी, जानें- क्या है माजरा
Tue, 05 Nov 2019 01:57 PM IST
दुष्यंत शर्मा
नीरज ‘अम्बुज’/अमर उजाला, लखनऊ
नीरज ‘अम्बुज’/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 05 Nov 2019 01:57 PM IST
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पिछले एक माह में 28 हजार यात्री इस ट्रेन से सफर कर चुके हैं, लेकिन ट्रेन के रैक में कुछ समस्याएं हैं जो यात्रियों को परेशान भी कर रही हैं। ट्रेन में सेंसरयुक्त आटोमेटिक डोर, डस्टबिन व पानी की टोटियां लगी हैं। इनमें पानी की टोटियां दिक्कत कर रही हैं। ट्रेन चलने पर जैसे ही टोटी पर पेड़ों या किसी अन्य वस्तु की छाया पड़ती है तो पानी बहने लगता है।
तेजस एक्सप्रेस
- फोटो : amar ujala
एग्जीक्यूटिव की कुर्सियां भी हुईं जर्जर
तेजस एक्सप्रेस में एसी चेयरकार व एग्जीक्यूटिव चेयरकार की बोगियां लगी हैं। इसमें लगी कुर्सियों की हालत भी खराब है। ये यात्रियों के लोड से चरमरा रही हैं। हाल ही में पांच से छह कुर्सियों को ठीक करवाया गया है। इनके हैंडल में समस्याएं आ रही थीं। महीने भर में पैदा हुई यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है।
तेजस एक्सप्रेस में एसी चेयरकार व एग्जीक्यूटिव चेयरकार की बोगियां लगी हैं। इसमें लगी कुर्सियों की हालत भी खराब है। ये यात्रियों के लोड से चरमरा रही हैं। हाल ही में पांच से छह कुर्सियों को ठीक करवाया गया है। इनके हैंडल में समस्याएं आ रही थीं। महीने भर में पैदा हुई यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है।
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- फोटो : amar ujala
लखनऊ से गोरखपुर के बीच जब ट्रेन का ट्रायल हुआ था तब भी बोगी से आवाज, ऑटोमेटिक डोर व सेंसरयुक्त डस्टबिन में दिक्कतें आ रही थीं। इसे ठीक करवाया गया।
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- फोटो : अमर उजाला
दूर कर ली है समस्या
तेजस एक्सप्रेस में सेंसरयुक्त पानी के टैब लगे हैं। ये छाया पड़ते ही ऑन हो जाते थे, जिससे पानी बहना शुरू हो जाता था। इसलिए इसे ठीक करवाया गया है। अब पानी की बर्बादी रुक गई है। सेंसरयुक्त डस्टबिन व दरवाजे ठीक से काम कर रहे हैं। - अश्विनी श्रीवास्तव, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरसीटीसी
तेजस एक्सप्रेस में सेंसरयुक्त पानी के टैब लगे हैं। ये छाया पड़ते ही ऑन हो जाते थे, जिससे पानी बहना शुरू हो जाता था। इसलिए इसे ठीक करवाया गया है। अब पानी की बर्बादी रुक गई है। सेंसरयुक्त डस्टबिन व दरवाजे ठीक से काम कर रहे हैं। - अश्विनी श्रीवास्तव, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरसीटीसी