यूपीः प्रधानी की कुर्सी के लिए नाबालिगों को बनाया गया व्यस्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानी की कुर्सी हथियाने के लिए दावेदार हर तरह का हथकंडा अपना रहे हैं। मतदाता सूचियों में फर्जी आयु प्रमाणपत्र के सहारे नाबालिग को भी वोटर बनाने का खेल चल रहा है।
सोमवार को मोहनलालगंज क्षेत्र में गलत प्रमाणपत्र के जरिये बड़ी संख्या में फर्जी वोटरों का नाम जुड़वाने की गोपनीय शिकायत की जांच में यह मामला सामने आया है।
इस जानकारी के बाद उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम प्रशासन राजेश पांडेय ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों की वोटर लिस्ट का स्थलीय सत्यापन कराने का निर्देश दिया है ताकि फर्जी वोटरों के नाम हटाए जा सकें।
30 में से 20 निकले नाबालिग
मोहनलालगंज तहसील के गोसाईंगंज ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत बघौली की मतदाता सूची में फर्जीवाड़े की शिकायत पर एसडीएम मोहनलालगंज ने जांच कराई। सूची में दर्ज 30 वोटरों में से 20 भौतिक तौर पर सत्यापन में नाबालिग पाए गए।
राजस्व निरीक्षक उमाशंकर की टीम द्वारा की गई जांच में 20 मतदाताओं के आवेदन फार्म में लगाए गए आयु प्रमाणपत्र फर्जी निकले। छाया प्रतियों में हेराफेरी कर उम्र बढ़ाकर दर्ज करने के प्रमाण मिले।
इसके बाद जांच टीम ने एसडीएम के माध्यम से इन नामों को हटाने की संस्तुति डीएम से की है। ऐसा एक और मामला मोहनलालगंज की घुड़सारा ग्राम पंचायत में भी पकड़ा गया। यहां जांच पड़ताल के बाद 66 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की संस्तुति की गई है।