प्यार पर लगा पहरा तो शादीशुदा टीचर और स्टूडेंट ने दी जान
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प्यार पर पहरा लगाने पर सोमवार रात मड़ियांव इलाके में रहने वाले 35 वर्षीय शिक्षक और 21 साल की छात्रा ने अपने-अपने घर पर जहर खाकर जान दे दी। मूलरूप से लखीमपुर निवासी टीचर शादीशुदा था और उसका आठ साल का बेटा भी है।
उसका पड़ोस में ही रहने वाली छात्रा से लगभग छह साल से प्रेम संबंध था। बीते 12 अप्रैल को दोनों घर से भाग गए थे। छात्रा के परिवारीजनों ने एफआईआर दर्ज कराई तो पुलिस ने तीन दिन बाद दुबग्गा इलाके से टीचर और छात्रा को बरामद किया।
इसके बाद से छात्रा को उसके परिवारीजनों ने घर पर नजरबंद करके रखा। सोमवार रात दोनों ने जहर खा लिया। उल्टियां होने पर परिवारीजनों को पता चला तो चीख-पुकार मच गई। दोनों को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया जहां सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।
बचपन से ही छात्रा को पढ़ाता था ट्यूशन
शिक्षक उसे ट्यूशन पढ़ाने घर आया करता था। इंटर पास करने के बाद बहन ने महिला कॉलेज में बीए में दाखिला लिया, शिक्षक तब भी उसे पढ़ाता रहा। पुलिस का कहना है कि बीते करीब छह साल से दोनों में प्रेम संबंध थे। छात्रा ने इसी वर्ष बीए पास किया था।
शिक्षक ने छात्रा से शादी करने के लिए पत्नी से तलाक का केस दाखिल कर रखा था। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दोनों बालिग थे लेकिन कोर्ट में तलाक का केस चलने के कारण ही शादी नहीं कर पा रहे थे।
दोनों के प्रेम संबंधों के बारे में परिवारीजनों को जानकारी नहीं थी। बीते महीने जब दोनों घर से भागे तब इसका खुलासा हुआ। इसके बाद भाई ने एफआईआर दर्ज कराई।
फोन पर बात करने के बाद किया मरने का फैसला
छात्रा और शिक्षक ने मरने से पहले फोन पर बातचीत की थी। परिवारीजनों ने बताया कि छात्रा के अपनी उम्र से 14 साल बड़े टीचर से प्रेम संबंधों के बारे में जानकारी तब मिली जब दोनों घर से भाग गए।
पुलिस ने दोनों को बरामद किया इसके बाद से छात्रा का घर से निकलना बंद करा दिया गया। मां हर वक्त बेटी पर नजर रखती थी। सोते वक्त भी उसे अकेला नहीं छोड़ती थी। परिवारीजनों ने बताया कि मां बेटी के साथ मकान की छत पर सोती थी।
सोमवार रात छात्रा बहाना बनाकर नीचे कमरे में लेट गई। उसने अपने भाई के फोन पर शिक्षक से बातचीत की। इसके बाद जहर खाकर जान देने का फैसला कर लिया। इलाकाई लोगों ने बताया कि दो दिन पहले छात्रा घर के गेट पर ही ठेले पर सब्जी लेने आई थी।
शिक्षक ने उसे देख लिया और मिलने चला गया। दोनों के बीच करीब डेढ़ मिनट तक बातचीत हुई थी। इलाकाई लोगों का मानना है कि उसी वक्त दोनों ने मरने का फैसला कर लिया होगा।
छात्रा की मौत सोमवार सुबह ठीक सवा चार बजे हुई जबकि शिक्षक ने पांच मिनट बाद दम तोड़ा। पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया गया। शव पहुंचते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षक के पिता की उम्र करीब 80 साल है और वह दिल के मरीज भी हैं। परिवारीजन उन्हें व शिक्षक के आठ वर्षीय बेटे को संभालते रहे।