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गर्भवती और बुजुर्गों में लगातार बुखार व खांसी आने पर होगी टीबी की जांच

Thu, 28 Nov 2019 01:40 PM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 28 Nov 2019 01:40 PM IST
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TB will be tested in pregnant and elderly people with persistent fever and cough.
प्रतीकात्मक तस्वीर

देश से क्षय रोग (टीबी) को 2025 तक खत्म करने की नई रणनीति के तहत एचआईवी की तर्ज पर टीबी मुक्त अभियान चलाने की तैयारी है। इसके तहत गर्भवती, वृद्धों, एचआईवी, डायबिटीज पीड़ितों में कई दिनों से बुखार और खांसी आने पर तत्काल बलगम की जांच कराई जाएगी। 

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यह पूरी प्रक्रिया उसी तरह होगी, जैसे एचआईवी की जांच अनिवार्य रूप से कराई जा रही है। वृद्धों को अक्सर खांसी आती रहती है, लेकिन उसे उम्र से जोड़कर अनदेखी की जाती है। जांच होने से टीबी की पुख्ता जानकारी मिल सकेगी।
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चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि तमाम लोगों के अंदर टीबी के बैक्टीरिया सुषुप्तावस्था में मौजूद रहते हैं, लेकिन वे पकड़ में नहीं आते। ऐसे लोगों के जरिए टीबी दूसरे लोगों में फैलती रहती है।
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ऐसे में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने तय किया है कि हाई रिस्क वाले मरीजों (जिन लोगों में आसानी से टीबी होने का खतरा रहता है) में सामान्य लक्षण दिखते ही जांच कराई जाएगी। जिनमें टीबी की पुष्टि होगी, उनका तत्काल इलाज शुरू करा दिया जाएगा।

केजीएमयू समेत पांच संस्थानों को मिली जिम्मेदारी

TB will be tested in pregnant and elderly people with persistent fever and cough.
केजीएमयू

इसके जरिए टीबी को फैलने से रोका जा सकेगा। आईसीएमआर ने जांच की जिम्मेदारी केजीएमयू लखनऊ, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, एम्स भोपाल, जेआईपीएमईआर पुडुचेरी और एमजीआईएमएस वर्धा को दी है। देशभर में 40 हजार मरीजों की जांच की जाएगी। लखनऊ में नौ हजार मरीजों की जांच होगी।

 

जांच के लिए जिला स्तर के अस्पतालों से मरीजों का चयन

केजीएमयू में इस प्रोजेक्ट के प्रभारी डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि जांच के लिए मरीजों का चयन जिला स्तर के अस्पतालों से किया जाएगा। इसके पीछे तर्क है कि चिकित्सा संस्थानों में सामान्य लक्षण वाले मरीज कम पहुंचते हैं।


जिला अस्पतालों में आने वाले जिन एचआईवी, डायबिटीज पीड़ितों, वृद्ध, गर्भवती महिलाओं में खांसी, बुखार से जुड़ी समस्या मिलेगी, उनकेबलगम का सैंपल लिया जाएगा। जिन मरीजों में टीबी की पुष्टि होगी, उनका इलाज शुरू कर दिया जाएगा।

हाई रिस्क ग्रुप पर होगा फोकस

TB will be tested in pregnant and elderly people with persistent fever and cough.
प्रतीकात्मक तस्वीर

डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के जरिए देखा जाएगा कि कितने ऐसे मरीज हैं, जिनमें टीबी के लक्षण स्पष्ट नहीं थे, फिर भी उनमें टीबी पाया गया। इस अध्ययन के निष्कर्ष से आईसीएमआर को अवगत कराया जाएगा। इस अध्ययन के बाद संभव है कि एचआईवी की तरह भविष्य में हाई रिस्क ग्रुप के लिए टीबी की जांच अनिवार्य कर दी जाए।

स्टाफ भर्ती प्रक्रिया शुरू
डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि प्रोजेक्ट के तहत एक मेडिकल ऑफिसर, एक प्रोजेक्ट टेक्नीकल ऑफिसर, चार प्रोजेक्ट असिस्टेंट और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की भर्ती की जा रही है। इनके साक्षात्कार हो गए हैं। अगले महीने से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।

प्रदेश में टीबी का हाल

TB will be tested in pregnant and elderly people with persistent fever and cough.
प्रतीकात्मक तस्वीर

डीएमसीएस लैब  --  2021
सीबीएनएएटी लैब --   141
पंजीकृत मरीज  --  4,79,446  
मल्टी ड्रग रेजीस्टेंट (एमडीआर)  --  15000
एक्स्ट्रीम ड्रग रेजीस्टेंट  (एक्सडीआर)  --  1600

...और लखनऊ में 
पंजीकृत मरीज  --  12500
एमडीआर मरीज --   550
एक्सडीआर मरीज --  60  

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