तन्वी व अनस को क्लीन चिट, पासपोर्ट केस बंद, अफसर बोले- सिर्फ दो सूचनाओं का सत्यापन जरूरी
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तन्वी सेठ एवं उनके पति अनस सिद्दीकी के पासपोर्ट को लेकर 14 दिनों से चल रहा विवाद मंगलवार को खत्म हो गया। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने साफ कर दिया कि तन्वी व अनस के पता का सत्यापन न होने पर भी उनके पासपोर्ट निरस्त नहीं होंगे।
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा के मुताबिक पुलिस के द्वारा तन्वी व अनस के पते का सत्यापन न होना कोई प्रतिकूल प्रकरण नहीं है। उनको अब न तो कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और न ही पासपोर्ट निरस्त किए जाएंगे। विदेश मंत्रालय की नई व्यवस्था के तहत अब पासपोर्ट बनाने के लिए सिर्फ दो सूचनाओं का सत्यापन होना जरूरी है।
पहला आवेदक की नागरिकता और दूसरे उस पर कोई आपराधिक केस न हो। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर तन्वी और अनस भारत के नागरिक हैं और दोनों पर कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं है। दोनों ही लखनऊ व नोएडा में रह चुके हैं। ऐसे में पुलिस ने पते पर न रहने की जो प्रतिकूल रिपोर्ट फाइल की, उसके आधार पर पासपोर्ट निरस्त नहीं किया जाएगा।
आधार कार्ड व बैंक पासबुक को प्रमाण माना
क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने तन्वी व अनस को पासपोर्ट देना सही माना। इसके लिए आधार कार्ड व बैंक की पासबुक को प्रामाणिक माना है। कहा, दोनों के आधार कार्ड एवं पासबुक सत्यापन में सही पाए गए हैं। विदेश मंत्रालय की नई व्यवस्था के तहत आवेदक आधार कार्ड दस्तावेज के रूप में अटैच करके पासपोर्ट हासिल कर सकता है।
पासपोर्ट विवाद : एक नजर में
19 जून : तन्वी ने विदेश मंत्री को किया ट्वीट
21 जून : तन्वी व अनस को पासपोर्ट सौंपे गए
26 जून : पुलिस की पासपोर्ट को प्रतिकूल रिपोर्ट
3 जुलाई : तन्वी एवं अनस के विवाद की फाइल बंद