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Lucknow News: प्रसव के लिए सर्जिकल आइटम व दवाएं बाहर से मंगवाए, जांच शुरू
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लखनऊ। अलीगंज सीएचसी में डॉक्टरों और स्टाफ की ओर से तीमारदारों से निजी मेडिकल स्टोर से सर्जिकल सामान मंगवाने के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। आरोप है कि स्टाफ ने जरूरत से अधिक दवाएं और आइटम परची पर लिखकर मंगवाए। शिकायत मिलने के बाद सीएमओ के निर्देश पर अधीक्षक ने सोमवार को संबंधित डॉक्टरों और स्टाफ से पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी परची लिखने की बात स्वीकार नहीं की। अब ऑपरेशन थियेटर (ओटी) स्टाफ की हैंडराइटिंग का परची से मिलान किया जाएगा।
मामला एक गर्भवती महिला के प्रसव से जुड़ा है, जिसे अलीगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, ओटी में मौजूद स्टाफ ने उन्हें परची थमाई, जिसमें लगभग दो हजार रुपये का सर्जिकल सामान जैसे माइक्रोपोर टेप, फोलिस कैथेटर, सर्जिकल ग्लैप्स, स्प्रिट, पांच-पांच स्पाइनल निडिल और एक ट्रामाडोल इंजेक्शन लिखा था, लाने को कहा गया। जब तीमारदार ने अधिक सामान का हवाला देते हुए डॉक्टर से आपत्ति जताई, तो उन्हें अनसुना करते हुए जबरन मेडिकल स्टोर भेज दिया गया और सामान लाने के बाद ही गर्भवती का प्रसव कराया गया।
शिकायत सीएमओ कार्यालय पहुंचने पर जांच के आदेश दिए गए। वहीं, पीड़ित परिजन ने अब यह भी आरोप लगाया है कि सीएचसी स्टाफ ने उन पर दबाव बनाया कि वे शिकायत वापस लें और झूठा बयान दें, लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया।
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Iमामले की जांच कराई जा रही है। ओटी स्टाफ से पूछताछ की गई है। अब हैंडराइटिंग का परची से मिलान कर कार्रवाई की जाएगी। I
I- डॉ. विनय कुमार, अधीक्षक, अलीगंज सीएचसीI
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मामला एक गर्भवती महिला के प्रसव से जुड़ा है, जिसे अलीगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, ओटी में मौजूद स्टाफ ने उन्हें परची थमाई, जिसमें लगभग दो हजार रुपये का सर्जिकल सामान जैसे माइक्रोपोर टेप, फोलिस कैथेटर, सर्जिकल ग्लैप्स, स्प्रिट, पांच-पांच स्पाइनल निडिल और एक ट्रामाडोल इंजेक्शन लिखा था, लाने को कहा गया। जब तीमारदार ने अधिक सामान का हवाला देते हुए डॉक्टर से आपत्ति जताई, तो उन्हें अनसुना करते हुए जबरन मेडिकल स्टोर भेज दिया गया और सामान लाने के बाद ही गर्भवती का प्रसव कराया गया।
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शिकायत सीएमओ कार्यालय पहुंचने पर जांच के आदेश दिए गए। वहीं, पीड़ित परिजन ने अब यह भी आरोप लगाया है कि सीएचसी स्टाफ ने उन पर दबाव बनाया कि वे शिकायत वापस लें और झूठा बयान दें, लेकिन उन्होंने इन्कार कर दिया।
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Iमामले की जांच कराई जा रही है। ओटी स्टाफ से पूछताछ की गई है। अब हैंडराइटिंग का परची से मिलान कर कार्रवाई की जाएगी। I
I- डॉ. विनय कुमार, अधीक्षक, अलीगंज सीएचसीI