{"_id":"2b030668b1e275858e945ba27d9ec7b0","slug":"surajkund-heritage-walk-2014","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनवी सूरजकुंड पर हेरिटेज वॉक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनवी सूरजकुंड पर हेरिटेज वॉक
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 09 Feb 2014 11:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सूरजकुंड मेला के लिए भले ही हरियाणा को पहचान मिली हो लेकिन लखनऊ भी कभी ‘सूरजकुंड मेला’ के लिए मशहूर था।
विज्ञापन
इस खास पहचान को सामने लाने के लिए एमिटी यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटास) संस्था ने सूरजकुंड से हेरिटेज वॉक का आयोजन किया।
वॉक रविवार सुबह 10:30 बजे से शुरू हुआ। इसके साथ सूरजकुंड की महत्ता पर टॉक भी होगी। इसमें एमिटी यूनिवर्सिटी के आर्किटेक्ट विभाग के छात्र सूरजकुंड पर रिपोर्ट तैयार करेंगे।
विज्ञापन
इंटास की पदाधिकारी विपुल वार्ष्णेय ने बताया कि गोमती नदी के किनारे पर सूरजकुंड कभी पवित्र स्थान हुआ करता था।
आईने-ए-अकबरी में लिखा गया है कि सूरजकुंड में लोग दूरदराज से पूजा करने और नहाने आते थे।
अबू फजल ने लिखा है कि यह बामुश्किल गोमती से 500 मीटर दूर था। श्रद्धालुओं के लिए हर साल एक मेला का आयोजन भी यहां होता था। इसे सूरजकुंड मेला के नाम से ख्याति मिली।
विज्ञापन