फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   supreme court order on bunglows allocated to trust.

पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ क्या ट्रस्टों को आवंटित बंगले भी होंगे खाली! नए आदेश में जिक्र नहीं...

Thu, 10 May 2018 09:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 10 May 2018 09:11 AM IST
विज्ञापन
supreme court order on bunglows allocated to trust.

पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ ही क्या ट्रस्टों व सोसायटीज के नाम पर आवंटित बंगलों को भी खाली कराया जाएगा? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने 2016 के अपने आदेश में ट्रस्टों व सोसायटी के नाम पर आवास आवंटन को अवैध ठहराया था, जबकि सोमवार के आदेश में ट्रस्ट व सोसायटी का जिक्र नहीं है।

विज्ञापन


लोक प्रहरी के महासचिव एसएन शुक्ला की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एक अगस्त 2016 को पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ ही ट्रस्ट व सोसायटीज के नाम पर आवास आवंटन को निरस्त कर दिया था। उस समय ट्रस्ट व विभिन्न सोसायटी को 300 से ज्यादा भवन आवंटित थे। इसमें एक पूर्व मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं के नाम पर बने ट्रस्ट भी शामिल हैं।
विज्ञापन


पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास आवंटन को कानूनी जामा पहनाने के लिए राज्य सरकार ने अधिनियम बना दिया था। इस एक्ट को अदालत ने 7 मई के आदेश से खारिज कर दिया है। लेकिन इस आदेश में ट्रस्ट व सोसायटीज के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले खाली कराने से पहले राज्य संपत्ति विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को विधिक राय के लिए न्याय विभाग के पास भेजा है। वह अभी इसका परीक्षण कर रहा है। उम्मीद है, न्याय विभाग जल्द ही अपनी राय दे देगा। इसके बाद ही राज्य संपत्ति विभाग पूर्व सीएम को नोटिस भेजेगा।

ट्रस्टों को आवंटित आवास भी खाली हों

supreme court order on bunglows allocated to trust.

याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त आईएएस एसएन शुक्ला का कहना है कि 2016 के आदेश में ट्रस्टों व सोसायटीज को आवंटित भवनों को अवैध बताते हुए उन्हें खाली कराने के निर्देश दिए गए थे। सोमवार को हुए फैसले में पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगला आवंटित करने वाले एक्ट को निरस्त किया गया है।

इसमें ट्रस्टों को लेकर कुछ नहीं कहा गया है। उन्होंने कहा, राज्य सरकार को ट्रस्टों का आवंटन निरस्त करना चाहिए। उन्हें आवंटित मकानों पर हम राज्य सरकार का रुख देखकर ही अगला कदम उठाएंगे।

मामले पर राज्य संपत्ति अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति न्याय विभाग को भेजी गई है। अभी न्याय विभाग की राय नहीं मिली है। वह इसका अध्ययन कर कहा है। न्याय विभाग की राय मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed