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भारी पड़ा बटरफ्लाई इफेक्ट, यलो अलर्ट में निकली धूप

Sat, 18 Sep 2021 01:53 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 18 Sep 2021 01:53 AM IST
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Sunshine in lucknow inspite of the yellow alert
राजधानी में शुक्रवार को यलो अलर्ट के बावजूद सुबह धूप निकली। हालांकि 11 बजे के बाद काले बादल फिर घिर आए पर बरसे नहीं। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे बदलावों को ‘बटर फ्लाई प्रभाव’ कहा जाता है।
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मौसम विज्ञानियों के अनुसार संभवत: तेज हवाएं बादलों को बहा ले गईं। या फिर बृहस्पतिवार को रिकॉर्डतोड़ बारिश के कारण बादलों की नमी खत्म हो गई होगी या फिर बूंदें इतनी हल्की और छोटी रह गईं कि हवाओं के प्रतिरोध के कारण वे नीचे तक आ ही नहीं सकीं।
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वायुमंडल में छोटा परिवर्तन ला सकता है बड़ा बदलाव
बीएसआईपी से अवकाश प्राप्त वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. सीएम नौटियाल कहते हैं कि बटरफ्लाई प्रभाव की अवधारणा को छह दशक पूर्व गणितज्ञ व मौसम विज्ञानी एडवर्ड लॉरेंट्ज ने केऑस सिद्धांत के आधार पर समझाया था। इसके मुताबिक यदि वायुमंडल में छोटा परिवर्तन हो तो यह बहुत बड़े परिवर्तन का कारण बन सकता है। ब्राजील में तितली का पंख फड़फड़ाना टेक्सास में तूफान ला सकता है। वायुमंडल के हर अणु की गति की गणना सुपर कंप्यूटर के भी बस की बात नहीं। अनुमान हमेशा उपलब्ध तथ्यों व आंकड़ों के आधार पर लगाए जाते हैं। यही पैरामीटर्स बन जाते हैं, लेकिन ये तेजी से बदलते हैं परिस्थितियों के अनुसार। आमतौर पर सीमित क्षेत्र के आंकड़ों के अनुमान सही निकल जाते हैं, लेकिन अज्ञात, अनापेक्षित कारक अचरज पैदा कर देते हैं। जैसा कि शुक्रवार के मौसम में दिखा।
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.2 मिमी बरसात का दावा
सुबह घिरे काले-काले बादल हर कदम यही अहसास करा रहे थे कि अब होगी तेज बारिश। दिन ऐसे ही बीत गया, पर शहर में कहीं बारिश रिकॉर्ड नहीं हुई, हालांकि सुदूर अंचल में पड़ी बौछारों के कारण मौसम विभाग ने .2 मिमी बरसात का दावा किया है।
सर्दी के जल्द आने के आसार भी बनने लगे
लखनऊ विश्वविद्यालय में वरिष्ठ भूवैज्ञानिक प्रो. ध्रुवसेन कहते हैं कि जून से सितंबर तक बरसात का मौसम रहता है। इस बार मई से लेकर अब तक के तापमान पर नजर दौड़ाएं तो पारा मुश्किल से दो-चार दिन ही 40 पार गया है। बीते सप्ताह जरूर उमस ने परेशान किया था, लेकिन पारे की चाल धीमी ही रही। जिस तरह से पारा गिरने से दो दिन से एसी बंद हो गए और पंखे की जरूरत भी महसूस नहीं हुई, उसे देखकर लगता है कि यदि पानी कुछ और दिन बरसा तो सर्दी जल्दी आ जाएगी। वहीं, तेज बरसात बाढ़ का कारण भी बन सकती है।

भीषण बारिश नहीं होगी
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता के मुताबिक, भीषण बारिश नहीं होगी, पर बरसात का दौर जारी रहेगा, क्योंकि कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, मौसम विभाग की वेबसाइट पर लखनऊ को शनिवार के लिए यलो अलर्ट पर रखा गया था, लेकिन शाम को हटा दिया गया।
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