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सुना है क्या: 'हैट्रिक तो कोई बैटिंग को तरसे', साथ ही विघ्नहर्ता फौजान भाई और साहब-थानेदार का गठजोड़ के किस्से

Thu, 24 Sep 2026 08:44 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Thu, 24 Sep 2026 08:44 AM IST
सार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...

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suna hai kya tales of alliance between Faujan Bhai and local police chief
सुना है क्या/suna hai kya - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में 'किसी की हैट्रिक, कोई बैटिंग को तरसे' की कहानी। इसके अलावा 'विघ्नहर्ता फौजान भाई' और 'साहब-थानेदार का गठजोड़ चर्चा में' के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...

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किसी की हैट्रिक, कोई बैटिंग को तरसे

खाकी वाले विभाग में पोस्टिंग में पिक एंड चूज का फॉर्मूला कई अफसरों के लिए फायदे का सौदा है तो कुछ के लिए कॅरिअर का नुकसान। हाल ही में एक आईपीएस का प्रमोशन हुआ लेकिन तीन हफ्ते बीतने के बाद भी बैटिंग के लिए तरस रहे हैं। उनके किसी सीनियर के पास तीन चार्ज हैं तो किसी के पास दो। जिन्होंने हैट्रिक मार रखी है, वह कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उन पर काम का कोई बोझ नहीं होने की वजह से कुछ और जिम्मेदारियां दे दी जाएं तो हैरत की बात नहीं होगी। कमाल ये है कि इतना काम तो खाकी के इतिहास में शायद किसी ने नहीं किया होगा।

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विघ्नहर्ता फौजान भाई

नौकरशाहों की दुनिया में इन दिनों फौजान भाई खूब चर्चा में हैं। वह स्लॉटर हाउस संचालकों के लिए विघ्नहर्ता से कम नहीं। बशर्ते वह अपनी समस्या के लिए चढ़ावा चढ़ाने को तैयार हों। भविष्य में कोई मुसीबत न आए और कारोबार भी अच्छे से चलता रहे, इसमें भी उन्हें महारत हासिल है। काउ बेल्ट के दो-तीन नौकरशाहों के जरिये वह इस काम को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। इन नौकरशाहों के दर तक पहुंचने वाला चढ़ावा करोड़ों में बताया जा रहा है।

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साहब-थानेदार का गठजोड़ चर्चा में

देश के एक कमिश्नरेट में एक थानेदार बहुत पॉवरफुल है। हो भी क्यों न बड़े साहब की पूरी डीलिंग भी वही थानेदार साहब जो कर रहे हैं। इसलिए थानेदार साहब किसी को थानेदार बनवाने से लेकर तमाम तरह के बयाने उठा रहे हैं। कोतवाल बनने की लाइन लगी है। मोटी रकम भी वसूली जा रही है। ये भी बता दें कि थानेदार साहब भी बड़े थाने की कमान संभाले हुए हैं। इसलिए भी साथियों को उन पर पूरा भरोसा है कि वही उनकी नैया पार कर सकते हैं।

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