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यूपी: DGP सुलखान सिंह का सेवा विस्तार, जानिए कितने दिनों के लिए बढ़ा कार्यकाल 

Fri, 29 Sep 2017 11:21 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 29 Sep 2017 11:21 PM IST
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Sulkhan Singh has been given a three-month extension as the DGP of Uttar Pradesh police
सुलखान सिंह
आखिरकार पुलिस महानिदेशक सुलखान सिंह को तीन महीने का सेवा विस्तार मिल ही गया। शनिवार को रिटायर होने जा रहे सुलखान सिंह को शुक्रवार को सुबह औपचारिक रूप से विदाई भी दे दी गई लेकिन शाम को गृह मंत्रालय से उनके सेवा विस्तार का आदेश आ गया। 
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सुलखान सिंह अब 31 दिसंबर तक प्रदेश के पुलिस प्रमुख बने रहेंगे। विदाई समारोह के बाद सेवा विस्तार पाने वाले ए.के. जैन के बाद वह दूसरे डीजीपी हैं। सपा और बसपा सरकार में उपेक्षित रहे सुलखान सिंह को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कसौटी पर खरा उतरने का ईनाम मिला है।
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योगी सरकार ने प्रदेश केसबसे वरिष्ठ और 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी सुलखान सिंह को 21 अप्रैल को पुलिस महकमे की कमान सौंपी थी। सुलखान की छवि ईमानदार और सख्त अफ सर की रही है। इससे पहले बसपा और सपा की सरकारों में उनकी वरिष्ठता की अनदेखी करके कनिष्ठ अधिकारियों को डीजीपी बनाया गया था। 
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सुलखान सिंह भाजपा के भरोसेमंद अफसर माने जाते हैं। खास बात यह है कि उन्हें डीजीपी बनाए जाने केबाद न सिर्फ अपराधों पर नियंत्रण हुआ है बल्कि पिछले कुछ दिनों से शुरू हुए अपराधियों के ताबड़तोड़ एनकाउंटर का असर भी कानून-व्यवस्था पर नजर आने लगा है। 

ईमानदार और कड़क अधिकारी की रही पहचान

Sulkhan Singh has been given a three-month extension as the DGP of Uttar Pradesh police
फाइल
यही वजह है कि राज्य सरकार ने केंद्र से उन्हें छह माह का सेवा विस्तार देने की सिफारिश की थी। यह बात दीगर है कि उन्हें तीन माह का ही सेवा विस्तार मिला है।

नौकरी के शुरूआती दौर से ही सुलखान सिंह की पहचान एक ईमानदार और कड़क अधिकारी की रही है। उनके बारे मे कहा जाता है कि कुर्सी के लिए उन्होंने कभी किसी नेता के सामने नहीं झुके। हालांकि उनको कई बार इसका नुकसान भी उठाना पड़ा। 

खास तौर पर बसपा और सपा सरकारों में वह हाशिये पर ही रहे। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद सीएम योगी ने उन्हें कानून-व्यवस्था पटरी पर लाने की जिम्मेदारी सौंपी। सुलखान काफी हद तक सीएम की कसौटी पर खरे भी उतरे।

कई वजहों से सुर्खियों में भी रहे सुलखान

Sulkhan Singh has been given a three-month extension as the DGP of Uttar Pradesh police
सुलखान सिंह
बेदाग छवि केअधिकारी रहे सुलखान अपनी कार्यशैली की वजह से कई बार सुर्खियों में रहे। मुलायम सिंह सरकार में हुए पुलिस भर्ती घोटाले की जांच मायावती सरकार ने सुलखान को सौंपी। इनकी जांच रिपोर्ट पर गलत तरीकेसे भर्ती हुए 18 हजार से अधिक सिपाही जहां बर्खास्त हुए

वहीं घोटाले में शामिल 22 आईपीएस अधिकारी समेत दर्जनों पीपीएस अफसरों को निलंबित किया गया। इसी तरह 2001 में जब उन्हें लखनऊ का पुलिस उपमहानिरीक्षक बनाया गया तो वह कई भ्रष्ट पुलिस अफसरों का तबादला करवाकर सुर्खियों में रहे।

जैन को भी विदाई के बाद मिला था सेवा विस्तार
अखिलेश यादव सरकार में डीजीपी रहे ए.के. जैन के  सेवा विस्तार का आदेश भी रिटायरमेंट की विदाई के बाद आया था। जैन के बाद सुलखान सिंह ऐसे दूसरे डीजीपी हैं जिन्हें विदाई के बाद सेवा विस्तार का आदेश मिला।
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