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सुजीत पाण्डेय हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता की रिमाड खत्म
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मोहनलालगंज। सुजीत पाण्डेय हत्याकांड के साजिशकर्ता मधुकर यादव को रिमांड पर लाई पुलिस कुछ खास नहीं उगलवा पाने की बात कह रही है। सूत्रों की माने तो मधुकर ने पुलिस को बहुत कुछ बताया है लेकिन पुलिस अभी उसे सार्वजनिक नहीं कर रही है।
इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा के मुताबिक, पूर्व प्रधान व व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुजीत पाण्डेय की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता मधुकर यादव को रिमांड पर लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि सुजीत पाण्डेय की हत्या शूटरों से कराई थी जिसके लिए शूटरों को पांच लाख रुपये दिये गए थे। बताया कि हत्या के पीछे उसकी मंशा नगर पंचायत मोहनलालगंज के चेयरमैन का चुनाव लड़ना था और खुद चेयरमैन का चुनाव न लड पाने की स्थिति में अपने किसी खास को चुनाव लड़वाने का प्लान था। लेकिन इस प्लान के आड़े सुजीत पाण्डेय आ रहे थे।
पुलिस ने मधुकर की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल को गोविन्दपुर गांव के पास जंगल से बरामद करने का दावा किया हैं। हालांकि पुलिस की यह थ्योरी लोगों के गले नहीं उतर रहीं है। पिस्टल किसका है, कहां से आया और जंगल में किसने छिपाया, मुठभेड़ में घायल शूटरों से पूछताछ के दौरान पुलिस पिस्टल क्यों नहीं बरामद कर सकी, मधुकर के इलेक्शन न लड़ पाने की स्थिति में वह किस खास आदमी को चुनाव लड़वाकर समर्थन करता, ऐसे कई सवालों का जवाब पुलिस के पास नहीं है। मधुकर की रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने उसे जेल पहुंचा दिया। जेल में मधुकर की गतिविधियों को देखते हुए जेल अधीक्षक ने उसे हाईसिक्योरिटी बैरक में रखने के आदेश दिए हैं।
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इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा के मुताबिक, पूर्व प्रधान व व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुजीत पाण्डेय की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता मधुकर यादव को रिमांड पर लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि सुजीत पाण्डेय की हत्या शूटरों से कराई थी जिसके लिए शूटरों को पांच लाख रुपये दिये गए थे। बताया कि हत्या के पीछे उसकी मंशा नगर पंचायत मोहनलालगंज के चेयरमैन का चुनाव लड़ना था और खुद चेयरमैन का चुनाव न लड पाने की स्थिति में अपने किसी खास को चुनाव लड़वाने का प्लान था। लेकिन इस प्लान के आड़े सुजीत पाण्डेय आ रहे थे।
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पुलिस ने मधुकर की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल को गोविन्दपुर गांव के पास जंगल से बरामद करने का दावा किया हैं। हालांकि पुलिस की यह थ्योरी लोगों के गले नहीं उतर रहीं है। पिस्टल किसका है, कहां से आया और जंगल में किसने छिपाया, मुठभेड़ में घायल शूटरों से पूछताछ के दौरान पुलिस पिस्टल क्यों नहीं बरामद कर सकी, मधुकर के इलेक्शन न लड़ पाने की स्थिति में वह किस खास आदमी को चुनाव लड़वाकर समर्थन करता, ऐसे कई सवालों का जवाब पुलिस के पास नहीं है। मधुकर की रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने उसे जेल पहुंचा दिया। जेल में मधुकर की गतिविधियों को देखते हुए जेल अधीक्षक ने उसे हाईसिक्योरिटी बैरक में रखने के आदेश दिए हैं।
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