अखिलेश को नहीं मिली फाइल, भटक रहे छात्र
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छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि न मिलने से प्रदेश के लाखों छात्र परेशान हैं। यह स्थिति मुख्यमंत्री की अनुमति न मिलने की वजह से बनी है।
बताते हैं कि अभी तक संबंधित फाइल सीएम तक पहुंची ही नहीं है। उधर, उत्तर प्रदेश प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन ने भी शुल्क की भरपाई न होने पर गहरी नाराजगी जताई है।
बता दें वर्ष 2014-15 में 33.88 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति के साथ शुल्क की भरपाई की जानी थी, लेकिन पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) ने करीब 17 लाख छात्रों की खाता संबंधी गड़बड़ी बता कर आपत्ति लगा दी।
नतीजतन, उनके खातों में 31 मार्च तक रकम नहीं भेजी जा सकी। इसलिए वित्तीय वर्ष के अंत में शेष रकम को नियमानुसार वापस करना पड़ा।
वित्त विभाग ने दी मंजूरी, पर मुख्यमंत्री के पास फाइल नहीं
अब इस राशि को दोबारा जारी कराने के लिए मुख्यमंत्री की अनुमति जरूरी है। सूत्रों के मुताबिक, अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए वित्त विभाग ने हरी झंडी दे दी है। लेकिन, अभी तक यह फाइल मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंची है।
सामान्य और पिछड़े वर्ग के मामले में अभी वित्त विभाग से ही क्लियरेंस नहीं मिली है। इस स्थिति पर उत्तर प्रदेश प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन के नेता विवेक तांगड़ी का कहना है कि शुल्क प्रतिपूर्ति न होने से निजी शिक्षण संस्थानों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है।
अगर यही हाल रहा तो आने वाले में समय में परीक्षा संबंधी कामकाज में संस्थान कोई सहयोग नहीं करेंगे।