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Lucknow News: बीबीएयू की असुविधा का खामियाजा भुगत रहे छात्र
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लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में असुविधा का खामियाजा अमेठी कैंपस के छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उन्हें हॉर्डकॉपी जमा करने बीबीएयू परिसर लखनऊ आना पड़ रहा है।
अमेठी कैंपस में 100 से अधिक ऐसे विद्यार्थी हैं, जो जिन्होंने ये समस्या बताई है। उनका कहना है कि आवदेन जब ऑनलाइन हो रहे हैं तो हार्डकॉपी भी उनके ही कैंपस में ली जानी चाहिए, लेकिन उन्हें विश्वविद्यालय कैंपस बुलाया जा रहा है। आने-जाने में भी किराया-भाड़ा अलग से खर्च हो रहा है।
अमेठी कैंपस में ही कैंप लगाकर हो सत्यापन
छात्रों ने कुलपति प्रो. एसके द्विवेदी को ज्ञापन सौंपकर कैंपस में ही कैंप लगाकर आवेदन फॉर्म का सत्यापन कराने की मांग की है। इसे लेकर बुधवार को विश्वविद्यालय पहुंचे 50 से अधिक विद्यार्थियों ने कुलपति से मुलाकात की।
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भटकते रहे छात्र, नहीं हुए जमा हुए फॉर्म
छात्र वीरेंद्र कुमार सिंह, अखिलेश शुक्ला, प्रवीण, वेद प्रकाश, गौरव वर्मा, महेंद्र कुमार ने बताया कि बुधवार को 50 से अधिक छात्र ठंड में बीबीएयू लखनऊ पहुंचे और घंटों फॉर्म जमा करने के लिए भटकते रहे, मगर देर शाम तक किसी का आवेदन नहीं लिया गया। छात्रों ने सैटेलाइट कैंपस छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी पर न कार्य करने के आरोप लगाए। कहा कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। वह छात्रों की समस्या भी नहीं सुनते। उधर छात्र शाम तक एससी-एसटी सेल के बाहर लाइन लगाकर खड़े रहे।
निदेशक से भी मिले छात्र
छात्रों ने इस संबंध में अमेठी सैटेलाइट कैंपस के निदेशक से भी मुलाकात की। सैटेलाइट कैंपस निदेशक डॉ. संदीप नायक ने छात्रवृत्ति नोडल ऑफिसर से बात करने आश्वासन दिया है।
ऑनलाइन होने की वजह से छात्रवृत्ति के लिए डिजिटल साइन जरूरी हैं तथा इसका वेरिफिकेशन इस वर्ष विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर से ही संभव है।
- रचना गंगवार, प्रवक्ता, बीबीएयू
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अमेठी कैंपस में 100 से अधिक ऐसे विद्यार्थी हैं, जो जिन्होंने ये समस्या बताई है। उनका कहना है कि आवदेन जब ऑनलाइन हो रहे हैं तो हार्डकॉपी भी उनके ही कैंपस में ली जानी चाहिए, लेकिन उन्हें विश्वविद्यालय कैंपस बुलाया जा रहा है। आने-जाने में भी किराया-भाड़ा अलग से खर्च हो रहा है।
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अमेठी कैंपस में ही कैंप लगाकर हो सत्यापन
छात्रों ने कुलपति प्रो. एसके द्विवेदी को ज्ञापन सौंपकर कैंपस में ही कैंप लगाकर आवेदन फॉर्म का सत्यापन कराने की मांग की है। इसे लेकर बुधवार को विश्वविद्यालय पहुंचे 50 से अधिक विद्यार्थियों ने कुलपति से मुलाकात की।
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भटकते रहे छात्र, नहीं हुए जमा हुए फॉर्म
छात्र वीरेंद्र कुमार सिंह, अखिलेश शुक्ला, प्रवीण, वेद प्रकाश, गौरव वर्मा, महेंद्र कुमार ने बताया कि बुधवार को 50 से अधिक छात्र ठंड में बीबीएयू लखनऊ पहुंचे और घंटों फॉर्म जमा करने के लिए भटकते रहे, मगर देर शाम तक किसी का आवेदन नहीं लिया गया। छात्रों ने सैटेलाइट कैंपस छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी पर न कार्य करने के आरोप लगाए। कहा कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी। वह छात्रों की समस्या भी नहीं सुनते। उधर छात्र शाम तक एससी-एसटी सेल के बाहर लाइन लगाकर खड़े रहे।
निदेशक से भी मिले छात्र
छात्रों ने इस संबंध में अमेठी सैटेलाइट कैंपस के निदेशक से भी मुलाकात की। सैटेलाइट कैंपस निदेशक डॉ. संदीप नायक ने छात्रवृत्ति नोडल ऑफिसर से बात करने आश्वासन दिया है।
ऑनलाइन होने की वजह से छात्रवृत्ति के लिए डिजिटल साइन जरूरी हैं तथा इसका वेरिफिकेशन इस वर्ष विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर से ही संभव है।
- रचना गंगवार, प्रवक्ता, बीबीएयू