छात्रसंघ चुनाव के मॉडल को लेकर गरमाया लखनऊ विश्वविद्यालय का माहौल
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लखनऊ विश्वविद्यालय के शासन को छात्रसंघ चुनाव कराने के लिए अप्रत्यक्ष चुनाव का मॉडल सौंपे जाने पर कैंपस का माहौल गरमा गया है। सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद समेत अन्य संगठनों व छात्र नेताओं ने इसके विरोध में प्रदर्शन कर कुलपति को ज्ञापन सौंपा।
इन लोगों ने कुलपति से मांग की है कि एलयू में प्रत्यक्ष चुनाव कराने का मॉडल अपनाया जाए, जिससे सभी स्टूडेंट्स को वोट डालने का अवसर मिले। विवि भी स्टूडेंट्स की मांग के आगे झुकता नजर आ रहा है और शासन को पत्र भेजकर प्रत्यक्ष चुनाव कराने की अनुमति मांगने की तैयारी में है।
मिठाई बांटकर जताई खुशी
छात्रसंघ चुनाव के नाम पर कैंपस का माहौल बदलने लगा है। छात्र संगठनों के नाम पर बाहरी लोगों की गतिविधियों में तेजी आई है।
सोमवार को समाजवादी छात्र सभा के बैनर तले विवि परिसर में चुनाव कराने की घोषणा के नाम पर मिठाई बांटने के बाद कार्यकर्ता प्रशासनिक भवन पहुंचे।
मगर, भीड़ देख चैनल गेट बंद कर दिया गया। हालांकि, बाद में कुलपति से मुलाकात कराई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में बाहरी लोग भी कैंपस पहुंचे। बहुत से लोग अपना माहौल बनाने के लिए कई गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे और गेट नंबर एक पर जमा हो गए। इनमें अधिकतर पर सत्ताधारी दल के झंडे लगे थे। माहौल देखकर ऐसा लगा जैसे विवि में ही चुनाव कराने की घोषणा हो गई है।
सड़कों पर दिखने लगे होर्डिंग
लिंगदोह समिति ने छात्रसंघ चुनाव के लिए जो सिफारिशें की हैं, उनको पूरा कराना ही बड़ी चुनौती है। उसमें साफ लिखा है कि प्रचार के लिए कोई भी प्रत्याशी पांच हजार रुपये से अधिक खर्च न सकता है, प्रचार के लिए हाथ से बने पोस्टर का ही प्रयोग हो आदि।
लेकिन, अभी तो विवि में चुनाव कराने की तिथि भी निर्धारित नहीं हुई और सड़कों पर होर्डिंग लगने लगी हैं। किसी पर लिखा है ‘हमारा महामंत्री’ तो कहीं ‘अध्यक्ष पद हेतु।’ इस आगाज को देखकर तो साफ नजर आता है कि लिंगदोह में दी खर्च सीमा के अंदर तो प्रत्याशी चुनाव लड़ना ही नहीं चाहते।
अभी तो चुनाव हुए भी नहीं और एलयू प्रशासन छात्रनेताओं के आगे बेबस दिखने लगा है। विवि ने पहले शासन से अप्रत्यक्ष चुनाव कराने का मॉडल प्रस्तुत किया था, लेकिन छात्र संगठनों का थोड़ा सा दबाव क्या पड़ा विवि प्रशासन बैकफुट पर आने लगा है।
अब विवि प्रशासन प्रत्यक्ष चुनाव के लिए तैयार हो गया। वहीं, कैंपस में बाहरी लोगों की आमद को रोकने में भी विवि प्रशासन नाकाम दिख रहा है। यह इस बात पर भी सवाल उठाता है कि जब अभी विवि प्रशासन इतना बेबस है तो चुनाव के दौरान स्थिति क्या होगी।
विवि की अनुमति का इंतजार
नवयुग कन्या महाविद्यालय अपने यहां प्रत्यक्ष चुनाव कराना चाहता है। इसके पीछे प्राचार्य नीरजा गुप्ता का तर्क है कि उनके कॉलेज का केवल एक परिसर है दूसरा छात्राओं की संख्या भी सिर्फ 3500 के करीब है। इसे देखते हुए उनके यहां लिंगदोह कमेटी के अनुसार प्रत्यक्ष चुनाव का मॉडल ही फिट बैठता है। कॉलेज ने इस संबंध में विवि को भी पत्र लिखा है। हालांकि, अंतिम निर्णय विवि का जवाब मिलने के बाद ही किया जाएगा।