फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Stringent Sinha speaks on Lal Krishna adwani

भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा बोले, नोटबंदी गलत थी, जीएसटी की प्रक्रिया जटिल

Sat, 11 Nov 2017 11:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 11 Nov 2017 11:36 AM IST
विज्ञापन
Stringent Sinha speaks on Lal Krishna adwani
शत्रुघ्न सिन्हा

प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता, भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी की सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी गलत थी और जीएसटी की प्रक्रिया बहुत जटिल है।

विज्ञापन

 
शीरोज में आयोजित लिटरेरी फेस्टिवल के पहले दिन शुक्रवार को उन्होंने कहा, नोटबंदी से बहुत दिक्कतें हुईं, कारखाने बंद हुए, उत्पादन कम हुए, युवाओं का रोजगार चला गया। बहुत सारे लोग बेरोजगार हो गए, त्राहिमाम की स्थिति हो गई। ऐसा मुझे ही नहीं, बहुत सारे लोगों को लगा और मैं इसे छुपाकर नहीं कह सकता।
विज्ञापन


भाजपा सांसद ने कहा, मैं सिद्धांतों के साथ चलता हूं। सच्चाई से समझौता नहीं करता। भले ही इसके लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े। मुझे लगता है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को राष्ट्रपति बनाया जाना चाहिए था। उनसे कम से कम इसके लिए कहा तो जाता ही, भले ही वे मना कर देते।

विज्ञापन
विज्ञापन

...तो मैं क्यों नहीं बोल सकता

सिन्हा ने कहा कि जो मुझसे कहते हैं कि आप आर्थिक मुद्दों पर क्यों बोल रहे हैं तो मैं उनसे कहता हूं कि अगर कोई वकील आर्थिक मुद्दों पर इतनी बड़ी-बड़ी बातें कर सकता है, अगर एक टीवी की अभिनेत्री मानव संसाधन विकास मंत्री बन सकती हैं, एक चाय बेचने वाला चाय बेचते-बेचते देश का वो बन सकता है तो मैं क्यों नहीं बोल सकता? मेरे पास तो इतने दिनों का अनुभव है। हालांकि उन्होंने यह शेर भी कहा-मैं बहुत कुछ सोचता रहता हूं पर कहता नहीं, बोलना भी है मना, सच बोलना तो दरकिनार...।

क्या वाजपेयी, आडवाणी की तरफदारी की सजा मिली?

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, मैंने अपनी पार्टी से कभी यह नहीं पूछा कि मुझे मंत्री क्यों नहीं बनाया, क्या कमी थी मेरे अंदर, क्या मेरी पिछली परफॉर्मेंस खराब थी, क्या मुझ पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप लगा था, क्या मेरे पारिवारिक या सामाजिक जीवन में कोई आरोप है, फिर मुझे ही क्यों अलग किया गया? क्या इसलिए अलग किया गया कि मैंने अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, यशवंत सिन्हा का सिद्धांतों के आधार पर साथ दिया। पार्टी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सर्जरी सबसे आखिरी विकल्प होती है। पार्टी के भीतर भी जब तक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, मैं अपनी बात कहता रहूंगा। वक्त आने पर मैं इसका जवाब दूंगा-‘वक्त आने पर बता देंगे तुझे ऐ आसमां, हम अभी से क्या बताएं क्या हमारे दिल में है।’

रिटायर होता हूं या दूसरों को रिटायर करता हूं

सिन्हा ने कहा, न्यूटन के सिद्धांतों को याद करते हुए मैं हमेशा कहता हूं कि हर क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। अब प्रतिक्रिया का वक्त है। देखना यह है कि मैं रिटायर होता हूं या दूसरों को रिटायर कर देता हूं। मैं थक जाता हूं या लोग मुझसे थक जाते हैं। मेरे बारे में कहा जाता है कि साफ छुपते भी नहीं, सामने आते भी नहीं लेकिन मैं अपनी बात पूरी साफगोई से रखता हूं, लक्ष्मण रेखा का उल्लंघन नहीं करता। मैं प्रधानमंत्री की मुखालफत नहीं करता लेकिन जो बातें मुझे पसंद नहीं आतीं, उन पर अपनी राय भी रखता हूं।

आशा पारेख से विवाद में मैं गलत था

कार्यक्रम में शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी जीवनी ‘एनीथिंग बट खामोश’ पर पुस्तक की लेखिका भारती प्रधान से बातचीत की। एक प्रसंग में आशा पारेख से हुए विवाद पर बोले, मैं गलत था। मैं आशाजी की बहुत कद्र करता हूं। फिल्म ‘पद्मावती’ से विवाद पर कहा, आज ही न्यायालय ने कहा है कि पहले सेंसर बोर्ड को इसे देखना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed