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सख्त कार्रवाईः 201 लेखपालों की सर्विस ब्रेक, वेतन भी काटा
Wed, 18 Dec 2019 02:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 18 Dec 2019 02:22 AM IST
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- फोटो : amar ujala
एस्मा लागू होने के बाद भी मांगों को लेकर हड़ताल पर अड़े लेखपालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। मंगलवार को आंदोलन में शामिल पांचों तहसीलों के 201 लेखपालों के खिलाफ नो वर्क, नो पे के साथ ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई की गई है।
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वहीं, लेखपाल संघ की जिला इकाई ने संघर्ष जारी रखते हुए 27 दिसंबर को विधान भवन के घेराव का ऐलान किया है। उधर, एक पखवारे से लेखपालों की हड़ताल के कारण तहसीलों में काम ठप होने से अधिकारी से लेकर जरूरतमंद तक सभी परेशान हैं।
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लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुशील शुक्ला ने बताया कि लेखपाल मांगों को लेकर ढाई साल से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद एक बार भी प्रशासन ने बातचीत तक के लिए नहीं बुलाया गया।
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सरकार को जगाने के लिए ही संवर्ग की ओर से काली पट्टी, कलमबंद, रक्तदान, रक्त से पत्र, जनप्रतिनिधियों से समर्थन पत्र, कैंडल मार्च, बाइक रैली तक निकालकर चेताया गया। अब मांगे मानना तो दूर उल्टा एस्मा लगाकर उत्पीड़न की तैयारी है।
कहा कि लेखपाल इसका पुरजोर विरोध कर प्रशासन की ओर से की जाने वाली किसी भी तरह की कार्रवाई से डरे बिना 27 दिसंबर को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत विधान भवन का घेराव जरूर करेंगे।
उधर, एडीएम प्रशासन एसपी गुप्ता ने बताया कि एस्मा लागू होने के बाद आंदोलित लेखपालों को 24 घंटे में काम पर बिना शर्त लौटने की दी गई मोहलत मंगलवार दोपहर बाद खत्म हो जाने पर कार्रवाई शुरू की गई।
जिले की पांचों तहसीलों में तैनात 220 में से हड़ताल में शामिल 201 लेखपालों के खिलाफ नो वर्क, नो पे के साथ ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई की गई।