फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   story about a leader

...लेकिन श्रेय तो दद्दू ही ले जाते हैं

Tue, 24 Dec 2013 01:01 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Tue, 24 Dec 2013 01:01 PM IST
विज्ञापन
story about a leader

सूबे में राज्य कर्मचारियों के यूं तो कई संगठन हैं। भले ही मांगें सबकी एक हों लेकिन वे एक मंच पर नहीं आते हैं।

विज्ञापन


सभी अपने-अपने में किसी मठाधीश से कम नहीं हैं। इसलिए एक जैसी मांगों के लिए आंदोलन भी अलग-अलग ही करते हैं।

इन्हीं में से एक कर्मचारी नेता जो अब बुजुर्ग हो गए हैं, उन्होंने सरकार में अपनी सेटिंग खूब कर रखी है।

आंदोलन कोई करे लेकिन जब शासनादेश जारी होने की नौबत आती है तो सरकार उन्हें ही बुलाकर आदेश की प्रति दे देती है।

कुछ सलाह भी करनी होती है तो उन्हीं से की जाती है। सरकार से वार्ता करने भी वे खुद ही चले जाते हैं।

अब लोग भी कहने लगे हैं कि मेहनत चाहे जो करे लेकिन श्रेय तो दद्दू ही ले जाएंगे।

दद्दू की इस खूबी से अब तो दूसरे नेता परेशान भी होने लगे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed