मुख्तार अंसारी के बेटे के शस्त्र रखने की जांच एसटीएफ को ट्रांसफर, हुआ था फर्जीवाड़ा
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मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के पास अवैध तरीके से शस्त्र रखने के मामले की जांच एसटीएफ को ट्रांसफर कर दी गई है। लखनऊ पुलिस ने महानगर थाने में यह मामला पिछले वर्ष दर्ज कराया था। अब्बास पर आरोप था कि उसने एक लाइसेंस पर कई असलहे खरीद लिए थे।
लखनऊ पुलिस ने अब्बास के दिल्ली स्थित आवास पर छापा मारकर आधा दर्जन असलहे और चार हजार से अधिक कारतूस बरामद किए थे। अब्बास ने दावा किया था कि वह शूटर है और कई प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा ले चुका है। उसने यह असलहे स्पोर्ट्स कोटे के तहत खरीदे थे। अब डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी है।
एसटीएफ ने प्रदेश में आपराधिक छवि के लोगों को दिए गए शस्त्र लाइसेंस की जांच शुरू की। इसमें मुख्तार और उसके करीबी रिश्तेदारों के नाम नौ लाइसेंस जारी होने का खुलासा हुआ। इसमें से तीन शस्त्र लाइसेंस मुख्तार और उसके बेटे अब्बास के नाम मिले।
सूचना दिए बगैर अपना शस्त्र लाइसेंस दिल्ली स्थानांतरित करा लिया
जांच में पता चला कि अब्बास ने जिला प्रशासन की अनुमति और स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बगैर अपना शस्त्र लाइसेंस दिल्ली स्थानांतरित करा लिया। दिल्ली में उसने राष्ट्रीय स्तर का निशानेबाज होने के आधार पर उक्त लाइसेंस पर चार और असलहे खरीद लिए।
पुलिस का कहना था कि एक ही शस्त्र दो प्रदेशों में अलग-अलग शस्त्र लाइसेंस व अलग-अलग यूआईडी पर एक साथ अंकित होना शस्त्र अधिनियम का उल्लंघन है।