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Lucknow News: एसटीएफ की जांच से परिवहन अफसर सकते में, वाहनों की चेकिंग ठप
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परिवहन विभाग का मामला
एक महीने से प्रवर्तन टीमों का कामकाज प्रभावित
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। ओवरलोडिंग वाहनों से होने वाली वसूली के मामले में एसटीएफ की जांच जारी है। अफसर सकते में हैं। डर का आलम वाहनों की चेकिंग पर हावी हो रहा है। इसके चलते ओवरलोडिंग वाहनों की ही नहीं, बल्कि ओवरस्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव, डग्गामार गाड़ियों की भी जांच ठप सी हो गई है। इसके चलते सड़क हादसों में वृद्घि दर्ज होने की आशंका जताई जा रही है।
बीती आठ नवंबर को एसटीएफ ने मड़ियांव में एआरटीओ, प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल सहित कईयों के खिलाफ गिट्टी, मौरंग, बालू ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों से वसूली के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद जांच-पड़ताल जब आगे बढ़ी तो अफसरों में घबराहट घर कर गई। वर्तमान में कार्यरत अफसर ही नहीं, बल्कि पूर्व में तैनात रहे अफसरों पर भी गाज गिरने की आशंका बढ़ गई। इससे ऐसे अफसर जो पहले लखनऊ में तैनात थे, वह यहां डेरा डालने लगे। उन्होंने मंत्रियों, अफसरों से सिफारिशें लगवाईं, ताकि एसटीएफ की जांच से बच सकें। उनकी सिफारिशें कितनी कारगर साबित हुईं, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन एसटीएफ जांच से अफसर बैकफुट पर हैं। इससे प्रवर्तन के कार्य ठप हो गए हैं। लखनऊ ही नहीं प्रदेश के कई जनपदों में वाहनों की चेकिंग बंद सी हो गई है। इससे सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन व डग्गामार गाड़ियां बेलगाम होकर दौड़ रही हैं। सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि लखनऊ में एक महीने के अंदर एयरपोर्ट के पास ही मुख्य रूप से चेकिंग अभियान चलाया जा सका है। इसके अतिरिक्त ट्रांसपोर्टनगर स्थित पार्किंग में खड़ी बसों की जांच हुई, लेकिन स्कूली वाहनों आदि की जांच बंद सी हो गई है। सूत्र बताते हैं कि इससे सड़क हादसों में इजाफा हो रहा है। जो नए आंकडों में नजर आएगा।
महीनेभर से अफसर लापता
लखनऊ आरटीओ में तैनात एआरटीओ प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल पर एसटीएफ ने मुकदमा दर्ज कराया था। एक महीने से अधिक वक्त गुजर चुका है, वह लापता हैं। उनका मोबाइल नंबर स्विच ऑफ है। वह कहां हैं, उनके सहकर्मियों को भी नहीं पता। तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। लेकिन असल जानकारी किसी के पास नहीं है।
एक महीने से प्रवर्तन टीमों का कामकाज प्रभावित
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। ओवरलोडिंग वाहनों से होने वाली वसूली के मामले में एसटीएफ की जांच जारी है। अफसर सकते में हैं। डर का आलम वाहनों की चेकिंग पर हावी हो रहा है। इसके चलते ओवरलोडिंग वाहनों की ही नहीं, बल्कि ओवरस्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव, डग्गामार गाड़ियों की भी जांच ठप सी हो गई है। इसके चलते सड़क हादसों में वृद्घि दर्ज होने की आशंका जताई जा रही है।
बीती आठ नवंबर को एसटीएफ ने मड़ियांव में एआरटीओ, प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल सहित कईयों के खिलाफ गिट्टी, मौरंग, बालू ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों से वसूली के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद जांच-पड़ताल जब आगे बढ़ी तो अफसरों में घबराहट घर कर गई। वर्तमान में कार्यरत अफसर ही नहीं, बल्कि पूर्व में तैनात रहे अफसरों पर भी गाज गिरने की आशंका बढ़ गई। इससे ऐसे अफसर जो पहले लखनऊ में तैनात थे, वह यहां डेरा डालने लगे। उन्होंने मंत्रियों, अफसरों से सिफारिशें लगवाईं, ताकि एसटीएफ की जांच से बच सकें। उनकी सिफारिशें कितनी कारगर साबित हुईं, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन एसटीएफ जांच से अफसर बैकफुट पर हैं। इससे प्रवर्तन के कार्य ठप हो गए हैं। लखनऊ ही नहीं प्रदेश के कई जनपदों में वाहनों की चेकिंग बंद सी हो गई है। इससे सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन व डग्गामार गाड़ियां बेलगाम होकर दौड़ रही हैं। सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि लखनऊ में एक महीने के अंदर एयरपोर्ट के पास ही मुख्य रूप से चेकिंग अभियान चलाया जा सका है। इसके अतिरिक्त ट्रांसपोर्टनगर स्थित पार्किंग में खड़ी बसों की जांच हुई, लेकिन स्कूली वाहनों आदि की जांच बंद सी हो गई है। सूत्र बताते हैं कि इससे सड़क हादसों में इजाफा हो रहा है। जो नए आंकडों में नजर आएगा।
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महीनेभर से अफसर लापता
लखनऊ आरटीओ में तैनात एआरटीओ प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल पर एसटीएफ ने मुकदमा दर्ज कराया था। एक महीने से अधिक वक्त गुजर चुका है, वह लापता हैं। उनका मोबाइल नंबर स्विच ऑफ है। वह कहां हैं, उनके सहकर्मियों को भी नहीं पता। तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। लेकिन असल जानकारी किसी के पास नहीं है।
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