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मुम्बई में ज्वेलरी शॉप से डेढ़ लाख की लूट करने वाले तीन बदमाशों को एसटीएफ ने दबोचा
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लखनऊ। मुंबई में मीरा रोड स्थित सराफा दुकान से दिनदहाड़े लूट करने वाले गिरोह का सरगना अपने दो साथियों के साथ लखनऊ में पकड़ा गया। यूपी एसटीएफ ने उन्हें गिरफ्तार कर लूटा हुआ माल व असलहे भी बरामद कर लिए हैं। ये आरोपी लखनऊ के गोमतीनगर में भी एक सराफा दुकान को लूटने की तैयारी कर रहे थे। दबोचे गए आरोपियों को मुंबई पुलिस ट्रांजिट वारंट पर अपने साथ ले जा रही है, जहां उनसे पूछताछ होगी।
एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने बुधवार को मिली इस कामयाबी को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि मुंबई में मीरा रोड स्थित एस कुमार गोल्ड एवं डायमंड शॉप में की गई डेढ़ करोड़ से अधिक की सनसनीखेज लूटपाट के आरोपियों को दबोचा गया है। एसटीएफ मुख्यालय में उस दुकान का वीडीयो फुटेज भी दिखाया गया, जिसमें बदमाश असलहों के दम पर दिन दहाड़े लूटपाट कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बदमाशों से जेवर, कुछ जेवरों को बेच कर हासिल नकदी और वारदात में इस्तेमाल असलहे भी बरामद किए गए हैं। इस मौके पर मुंबई के पुलिस अफसर व उनकी टीम भी मौजूद रही। जो असलहे बरामद हुए हैं, उनमें एक स्मिथ एवं वेंसन की सर्विस रिवाल्वर है, जिसे पुलिस इस्तेमाल करती है। एडीजी ने कहा कि ऐसी आशंका है कि यह पुलिस से ही लूटी गई हो जिसे उन्हें गाजीपुर के राजू राय ने दिया था।
गिरफ्तार अभियुक्तों में गाजीपुर के सुहवल थाना क्षेत्र स्थित तारीघाट का रहने वाला विनय कुमार सिंह उर्फ सिंटू सिंह, जौनपुर के केराकत थाना क्षेत्र स्थित सरोज बदेवर गांव का दिनेश निषाद और वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र स्थित कटारी गांव का शैलेन्द्र कुमार मिश्रा व बब्लू मिश्रा शामिल हैं। इसमें विनय सिंह गैंग का सरगना है। उसका लंबा आपराधिक इतिहास है। एडीजी ने कहा कि गिरोह के दो सदस्य आजमगढ़ का संजीत और गाजीपुर का सोनू अभी फरार हैं।
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एडीजी ने बताया कि मुंबई पुलिस ने आरोपियों के यूपी में होने का अंदेशा जताते हुए एसटीएफ से सहयोग मांगा था। एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक सिंह व उनकी टीम ने इन बदमाशों का सुराग लगाया जिसके बाद बुधवार को तीन आरोपियों को लखनऊ के चिनहट से दबोच लिया।
पिता की हत्या का बदला लेने को बना अपराधी
पूछताछ पर अभियुक्त विनय कुमार सिंह ने बताया कि पिता की हत्या का बदला लेने के लिए वर्ष 1991 में उदयीराम को जान से मारने की नियत से गोली मारी थी जिसमें वह बच गया था। वर्ष 1993 में गांव के ही प्रेम प्रजापति की गोली मारकर हत्या कर दी। वर्ष 1994 में पुन: उदयीराम को गाजीपुर कचेहरी में गोलीमार कर हत्या कर दी। वर्ष 1995 में भरतराम को जान से मारने की नियत से गोली मार दी थी। वर्ष 2001 में गाजीपुर के सैदपुर कस्बे में सहकारी बैंक कर्मी से सरकारी पैसों की लूट की घटना को अंजाम दिया था। वर्ष 2001 में ही वाराणसी के जैतपुर थाना क्षेत्र में जीवन बीमा के पैसों की लूट की घटना कारित की थी इस लूट में शामिल उसका एक साथी मनोज दूबे बाद में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था।
ऐसे करते थे अपराध
अपराध करने के तरीके के बारे में पूछने पर आरोपी विनय ने बताया कि पहले वह लोग ज्वेलरी शॉप जाकर वहां की वस्तुस्थिति से अवगत होते थे। फिर गार्ड्स व कर्मचारियों से दोस्ती करने का प्रयास करते थे ताकि खुलने-बंद होने व सुरक्षा की पूरी जानकारी हासिल कर सकें। इसके बाद बाहर निकलने के पूरे रास्तों की रेकी करते थे। कहाँ पुलिस की पीसीआर खड़ी होती है व बैरिकेटिंग आदि की जानकारी लेकर उनका मैप पेपर पर तैयार करते हैं ताकि गैंग के अन्य सदस्यों को इससे अवगत कराया जा सके व घटना के बाद आसानी से किसी भी रास्ते से निकला जा सके। घटना करने के बाद वह लोग अलग-अलग रास्तों से भाग जाते हैं।
यह माल हुआ बरामद
अंगूठी व अंगूठी के टुकड़े-46, हार-4, लॉकेट-10, कंगन-2 जोड़ी, कीमती स्टोन-21 ग्राम, ज्वेलरी के टुकड़े-14 ग्राम, हीरे के नग-4 ग्राम, नकद-5.27 लाख रुपये, असलहा-2, कारतूस-38
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एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने बुधवार को मिली इस कामयाबी को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि मुंबई में मीरा रोड स्थित एस कुमार गोल्ड एवं डायमंड शॉप में की गई डेढ़ करोड़ से अधिक की सनसनीखेज लूटपाट के आरोपियों को दबोचा गया है। एसटीएफ मुख्यालय में उस दुकान का वीडीयो फुटेज भी दिखाया गया, जिसमें बदमाश असलहों के दम पर दिन दहाड़े लूटपाट कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बदमाशों से जेवर, कुछ जेवरों को बेच कर हासिल नकदी और वारदात में इस्तेमाल असलहे भी बरामद किए गए हैं। इस मौके पर मुंबई के पुलिस अफसर व उनकी टीम भी मौजूद रही। जो असलहे बरामद हुए हैं, उनमें एक स्मिथ एवं वेंसन की सर्विस रिवाल्वर है, जिसे पुलिस इस्तेमाल करती है। एडीजी ने कहा कि ऐसी आशंका है कि यह पुलिस से ही लूटी गई हो जिसे उन्हें गाजीपुर के राजू राय ने दिया था।
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गिरफ्तार अभियुक्तों में गाजीपुर के सुहवल थाना क्षेत्र स्थित तारीघाट का रहने वाला विनय कुमार सिंह उर्फ सिंटू सिंह, जौनपुर के केराकत थाना क्षेत्र स्थित सरोज बदेवर गांव का दिनेश निषाद और वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र स्थित कटारी गांव का शैलेन्द्र कुमार मिश्रा व बब्लू मिश्रा शामिल हैं। इसमें विनय सिंह गैंग का सरगना है। उसका लंबा आपराधिक इतिहास है। एडीजी ने कहा कि गिरोह के दो सदस्य आजमगढ़ का संजीत और गाजीपुर का सोनू अभी फरार हैं।
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एडीजी ने बताया कि मुंबई पुलिस ने आरोपियों के यूपी में होने का अंदेशा जताते हुए एसटीएफ से सहयोग मांगा था। एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक सिंह व उनकी टीम ने इन बदमाशों का सुराग लगाया जिसके बाद बुधवार को तीन आरोपियों को लखनऊ के चिनहट से दबोच लिया।
पिता की हत्या का बदला लेने को बना अपराधी
पूछताछ पर अभियुक्त विनय कुमार सिंह ने बताया कि पिता की हत्या का बदला लेने के लिए वर्ष 1991 में उदयीराम को जान से मारने की नियत से गोली मारी थी जिसमें वह बच गया था। वर्ष 1993 में गांव के ही प्रेम प्रजापति की गोली मारकर हत्या कर दी। वर्ष 1994 में पुन: उदयीराम को गाजीपुर कचेहरी में गोलीमार कर हत्या कर दी। वर्ष 1995 में भरतराम को जान से मारने की नियत से गोली मार दी थी। वर्ष 2001 में गाजीपुर के सैदपुर कस्बे में सहकारी बैंक कर्मी से सरकारी पैसों की लूट की घटना को अंजाम दिया था। वर्ष 2001 में ही वाराणसी के जैतपुर थाना क्षेत्र में जीवन बीमा के पैसों की लूट की घटना कारित की थी इस लूट में शामिल उसका एक साथी मनोज दूबे बाद में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था।
ऐसे करते थे अपराध
अपराध करने के तरीके के बारे में पूछने पर आरोपी विनय ने बताया कि पहले वह लोग ज्वेलरी शॉप जाकर वहां की वस्तुस्थिति से अवगत होते थे। फिर गार्ड्स व कर्मचारियों से दोस्ती करने का प्रयास करते थे ताकि खुलने-बंद होने व सुरक्षा की पूरी जानकारी हासिल कर सकें। इसके बाद बाहर निकलने के पूरे रास्तों की रेकी करते थे। कहाँ पुलिस की पीसीआर खड़ी होती है व बैरिकेटिंग आदि की जानकारी लेकर उनका मैप पेपर पर तैयार करते हैं ताकि गैंग के अन्य सदस्यों को इससे अवगत कराया जा सके व घटना के बाद आसानी से किसी भी रास्ते से निकला जा सके। घटना करने के बाद वह लोग अलग-अलग रास्तों से भाग जाते हैं।
यह माल हुआ बरामद
अंगूठी व अंगूठी के टुकड़े-46, हार-4, लॉकेट-10, कंगन-2 जोड़ी, कीमती स्टोन-21 ग्राम, ज्वेलरी के टुकड़े-14 ग्राम, हीरे के नग-4 ग्राम, नकद-5.27 लाख रुपये, असलहा-2, कारतूस-38