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सराफ अमित रस्तोगी के हत्यारे को एसटीएफ ने दबोचा, गिरफ्तारी पर था हजारों रुपये का इनाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 03 Aug 2018 03:08 PM IST
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बदमाश विजय विक्रम
- फोटो : amarujala
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लखनऊ के सराफ अमित रस्तोगी की हत्या के आरोपी विजय विक्रम सिंह को यूपी एसटीएफ ने बाराबंकी के हैदरगढ़ से गिरफ्तार किया है। चार महीने पहले हैदरगढ़ से लखनऊ आ रहे अमित की हैदरगढ़ बस स्टैंड के पास हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में तीन अपराधी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बाराबंकी पुलिस ने विजय की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह ने बताया कि विजय मूल रूप से अमेठी का रहने वाला है।
बृहस्पतिवार को एसटीएफ की टीम को सूचना मिली कि वह हैदरगढ़ बस स्टैंड पर आने वाला है, एसटीएफ के इंस्पेक्टर विनय गौतम और सब इंस्पेक्टर करुणेश पांडेय की टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।अभिषेक सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अमेठी, सुल्तानपुर व बाराबंकी जिले के विभिन्न थानों में आठ अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस की मानें तो यह शातिर लुटेरा है,
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इस मामले में तीन अपराधी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बाराबंकी पुलिस ने विजय की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया था। एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह ने बताया कि विजय मूल रूप से अमेठी का रहने वाला है।
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बृहस्पतिवार को एसटीएफ की टीम को सूचना मिली कि वह हैदरगढ़ बस स्टैंड पर आने वाला है, एसटीएफ के इंस्पेक्टर विनय गौतम और सब इंस्पेक्टर करुणेश पांडेय की टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।अभिषेक सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अमेठी, सुल्तानपुर व बाराबंकी जिले के विभिन्न थानों में आठ अपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस की मानें तो यह शातिर लुटेरा है,
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लूट की कई घटनाओं को दे चुका अंजाम
पूछताछ में विजय विक्रम सिंह ने बताया कि उसने वर्ष 2009 में अमेठी में थाना कमरौली, जाफरगंज में दाल व्यापारी को लूटा था। वर्ष 2008 में वह अमेठी के थाना मवई क्षेत्र में कामाख्या मंदिर के पास एक ज्वैलर्स से लूट की घटना में गिरफ्तार हुआ था।
विजय ने यह भी बताया कि वर्ष 2009 में अमेठी के थाना शुक्लागंज में उसने वैस्टर्न मनी ट्रांसफर में लूट की घटना को अंजाम दिया था। इसी वर्ष 28 मार्च को सराफ अमित रस्तोगी जो सुल्तानपुर से लखनऊ रोडवेज बस से आ रहे थे, उन्हें हैदरगढ़ में रोक कर अमित के साथ लूटपाट की घटना को अंजाम देने के बाद उसकी गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में चार अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए थे, जिसमें से तीन को पूर्व में ही गिरफ्तार कर लिया गया था। विजय अभी तक फरार था। बाराबंकी पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया हुआ है।
विजय ने यह भी बताया कि वर्ष 2009 में अमेठी के थाना शुक्लागंज में उसने वैस्टर्न मनी ट्रांसफर में लूट की घटना को अंजाम दिया था। इसी वर्ष 28 मार्च को सराफ अमित रस्तोगी जो सुल्तानपुर से लखनऊ रोडवेज बस से आ रहे थे, उन्हें हैदरगढ़ में रोक कर अमित के साथ लूटपाट की घटना को अंजाम देने के बाद उसकी गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में चार अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए थे, जिसमें से तीन को पूर्व में ही गिरफ्तार कर लिया गया था। विजय अभी तक फरार था। बाराबंकी पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया हुआ है।