{"_id":"66b090f107fc77a5be018311","slug":"st-museum-will-be-made-in-mirzapur-2024-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News: मिर्जापुर में बनेगा जनजातीय संग्रहालय, जिला प्रशासन ने उपलब्ध करवाई भूमि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: मिर्जापुर में बनेगा जनजातीय संग्रहालय, जिला प्रशासन ने उपलब्ध करवाई भूमि
Mon, 05 Aug 2024 02:14 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 05 Aug 2024 02:14 PM IST
सार
मिर्जापुर में जनजातीय संग्रहालय के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने भूमि उपलब्ध करवा दी है। यहां पर बनने वाले संग्रहालय में जनजातीय खान-पान और संस्कृति की झलक दिखेगी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वर्षों से समाज के हाशिये पर जीवन यापन करने वाले जनजातीय समुदाय को ससम्मान मुख्यधारा में जोड़ने के लिए केंद्र व राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा मिर्जापुर जनपद में जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। संग्रहालय के लिए जिला प्रशासन द्वारा भूमि का चयन भी कर लिया गया है। ये जानकारी समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) असीम अरुण ने दी।
विज्ञापन
प्रदेश में 15 जनजातियां करती हैं निवास
मंत्री असीम अरुण ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अभी 15 जनजातियां निवास कर रही हैं। इनकी कला और संस्कृति काफी पुरानी है। इनकी विरासत को सहेजते हुए इसे आम लोगों तक पहुंचाने के लिए संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - अयोध्या रेप कांड: बेबस बेटी के साथ लाचार मां का दर्द... बच्ची के इलाज पर अब तक न हुआ फैसला; अभी सिर्फ इंतजार
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी के इन जिलों में आज होगी भारी बारिश... मौसम विभाग का नया अपडेट; तेज हवा चलने से मिली राहत
संग्रहालय में जनजातीय समुदाय से जुड़े खान-पान को बढ़ावा देने के लिए फूड कोर्ट का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही जनजातीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आउटलेट भी होगा। जहां पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री हो सके। इससे समुदाय को आर्थिक स्वावलंबन भी प्राप्त होगा।
जनजातीय समुदाय के परंपरागत वाद्ययंत्र और क्रीड़ा के उपकरण भी संग्रहालय में देखने को मिलेंगे। मंत्री असीम अरुण ने बताया कि संग्रहालय आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण होगा ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक जनजातीय शैली से रूबरू हो सकें।