{"_id":"5d1fae5e8ebc3e3c671b4500","slug":"srijan-award-to-buddhinath-mishra-lucknow-news-lko469100824","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुद्धिनाथ मिश्र को मिला सृजन सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुद्धिनाथ मिश्र को मिला सृजन सम्मान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
00
गीतकार बुद्धिनाथ मिश्र को सृजन सम्मान
लखनऊ। सृजन सम्मान समारोह में शुक्रवार को कवयित्री रेनू द्विवेदी की काव्य कृति ‘भावना के पृष्ठ पर’ का लोकार्पण किया गया। इस दौरान गीतकार बुद्धिनाथ मिश्र को सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया।
प्रेस क्लब में वरिष्ठ साहित्यकार उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित 79वें सृजन सम्मान समारोह में बुद्धिनाथ मिश्र ने पढ़ा- एक बार और जाल फेंक रे मछेरे, जाने किस मछली में फंसने की चाह हो, सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अनुराग अतुल, संतोष सिंह ने काव्य पाठ किया। आचार्य ओम नीरव, सर्वेश अस्थाना ने रेनू द्विवेदी की काव्य यात्रा पर प्रकाश डाला। डॉ. उदय प्रताप सिंह ने कविता की बारीकियों पर ध्यान आकर्षित करते हुए नए रचनाकारों को संयम, धैर्य और निरंतरता का पाठ पढ़ाया। इस अवसर पर मुकुल महान, चन्द्रेश शेखर, सुभाष चन्द्र रसिया, अभय सिंह निर्भीक, अनुराग मिश्र, रामायण धर द्विवेदी, शाहबाज तालिब, अनुराग अतुल, हर्षित मिश्रा अजीज, अखंड प्रताप सिंह, अनिता श्रीवास्तव, प्रतिभा गुप्ता, भारती पायल, सुनीता अग्रवाल, निशा सिंह, स्मिता, इंद्रजीत कोर ने भी अपने विचार रखे।
विज्ञापन
गीतकार बुद्धिनाथ मिश्र को सृजन सम्मान
लखनऊ। सृजन सम्मान समारोह में शुक्रवार को कवयित्री रेनू द्विवेदी की काव्य कृति ‘भावना के पृष्ठ पर’ का लोकार्पण किया गया। इस दौरान गीतकार बुद्धिनाथ मिश्र को सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया।
प्रेस क्लब में वरिष्ठ साहित्यकार उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित 79वें सृजन सम्मान समारोह में बुद्धिनाथ मिश्र ने पढ़ा- एक बार और जाल फेंक रे मछेरे, जाने किस मछली में फंसने की चाह हो, सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अनुराग अतुल, संतोष सिंह ने काव्य पाठ किया। आचार्य ओम नीरव, सर्वेश अस्थाना ने रेनू द्विवेदी की काव्य यात्रा पर प्रकाश डाला। डॉ. उदय प्रताप सिंह ने कविता की बारीकियों पर ध्यान आकर्षित करते हुए नए रचनाकारों को संयम, धैर्य और निरंतरता का पाठ पढ़ाया। इस अवसर पर मुकुल महान, चन्द्रेश शेखर, सुभाष चन्द्र रसिया, अभय सिंह निर्भीक, अनुराग मिश्र, रामायण धर द्विवेदी, शाहबाज तालिब, अनुराग अतुल, हर्षित मिश्रा अजीज, अखंड प्रताप सिंह, अनिता श्रीवास्तव, प्रतिभा गुप्ता, भारती पायल, सुनीता अग्रवाल, निशा सिंह, स्मिता, इंद्रजीत कोर ने भी अपने विचार रखे।
विज्ञापन