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Lucknow News: तेंदुए के बंशीगढ़ी जंगल की ओर भागने के कयास
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लखनऊ। बीते कुछ दिनों से रहमानखेड़ा इलाके में चहलकदमी कर रहा तेंदुआ बुधवार को भी नहीं दिखा। ग्रामीणों को आशंका है कि मंडौली गांव किनारे लगाए गए दो ट्रैप कैमरों से बचकर तेंदुआ जंगल से 10 किमी दूर बंशीगढ़ी जंगल की ओर निकल गया है। लगातार कॉम्बिंग के चौथे दिन तेंदुए का आसपास न दिखना इसी ओर इशारा कर रहा है।
वन विभाग का कहना है कि तेंदुए के लौटने की आशंका में निगरानी जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले खेत जा रहे किसान रामकुमार ने आखिरी बार तेंदुए को रेलवे लाइन की पटरी से रहमान खेड़ा जंगल की तरफ जाते हुए देखा था। उसके बाद सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो तेंदुआ के ताजा पगचिह्न भी मिले थे।
जानकारों का कहना है कि यहीं से होकर तेंदुआ बंशीगढ़ी जंगल की ओर पहुंचा है। ग्रामीणों ने बताया कि चार दिन पहले ताजे पगचिह्न गांव की पूरब दिशा में स्थित बेहता नाला के पास खेतों में मिले थे। आशंका है कि तेंदुआ हफिसखेड़ा गांव की ओर से उतर कर बेहता नाला पार कर के बंशीगढ़ी गांव किनारे घने जंगलों की ओर निकल भागा है।
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डीएफओ सितांशु पांडेय ने बताया तेंदुआ ऑपरेशन में दो ट्रैप कैमरे लगाए जाने के साथ ही वन विभाग की टीम लगातार कॉम्बिंग करने में जुटी हुई है। आसपास के ग्रामीणों को जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है। जल्द ही तेंदुआ को रेस्क्यू कर लिया जाएगा।
तेंदुए ने दस से ज्यादा बार पार किया बेहता नाला
ग्रामीण रामू, सर्वेश, महेंद्र ओर अन्य लोगों ने बताया कि तेंदुए ने अप्रैल के शुरुआती तीन दिनों में दस से ज्यादा बार बेहता नाले को पार किया। अब भी वह वन विभाग की पकड़ से दूर है।
रहमानखेड़ा के वैज्ञानिकों में भी दहशत
तेंदुए के खौफ से केंद्रीय उपोषण बागवानी संस्थान में शोध कर रहे वैज्ञानिक भी अब बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि जल्द ही तेंदुआ नहीं पकड़ा गया तो आम की फसल समेत खेतों में तैयार अन्य फसलों के बर्बाद होने की आशंका है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल काटने में भी किसानों को डर लग रहा है।
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वन विभाग का कहना है कि तेंदुए के लौटने की आशंका में निगरानी जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले खेत जा रहे किसान रामकुमार ने आखिरी बार तेंदुए को रेलवे लाइन की पटरी से रहमान खेड़ा जंगल की तरफ जाते हुए देखा था। उसके बाद सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो तेंदुआ के ताजा पगचिह्न भी मिले थे।
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जानकारों का कहना है कि यहीं से होकर तेंदुआ बंशीगढ़ी जंगल की ओर पहुंचा है। ग्रामीणों ने बताया कि चार दिन पहले ताजे पगचिह्न गांव की पूरब दिशा में स्थित बेहता नाला के पास खेतों में मिले थे। आशंका है कि तेंदुआ हफिसखेड़ा गांव की ओर से उतर कर बेहता नाला पार कर के बंशीगढ़ी गांव किनारे घने जंगलों की ओर निकल भागा है।
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डीएफओ सितांशु पांडेय ने बताया तेंदुआ ऑपरेशन में दो ट्रैप कैमरे लगाए जाने के साथ ही वन विभाग की टीम लगातार कॉम्बिंग करने में जुटी हुई है। आसपास के ग्रामीणों को जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है। जल्द ही तेंदुआ को रेस्क्यू कर लिया जाएगा।
तेंदुए ने दस से ज्यादा बार पार किया बेहता नाला
ग्रामीण रामू, सर्वेश, महेंद्र ओर अन्य लोगों ने बताया कि तेंदुए ने अप्रैल के शुरुआती तीन दिनों में दस से ज्यादा बार बेहता नाले को पार किया। अब भी वह वन विभाग की पकड़ से दूर है।
रहमानखेड़ा के वैज्ञानिकों में भी दहशत
तेंदुए के खौफ से केंद्रीय उपोषण बागवानी संस्थान में शोध कर रहे वैज्ञानिक भी अब बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि जल्द ही तेंदुआ नहीं पकड़ा गया तो आम की फसल समेत खेतों में तैयार अन्य फसलों के बर्बाद होने की आशंका है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल काटने में भी किसानों को डर लग रहा है।