यहां सपा, भाजपा को हरा सकती है बसपा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देखें क्या है पीतल नगरी की सियासी हलचल-वैसे तो पूरे लोकसभा क्षेत्र में लोग भाजपा, बसपा और सपा में मुख्य मुकाबले की संभावना जता रहे हैं लेकिन धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण की अटकलें लगाने वाले भी कम नहीं हैं।
मुरादाबाद सीट से वर्ष 2009 में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में क्रिकेटर अजहरूद्दीन विजयी रहे थे। अब वे सीट बदलकर राजस्थान जा चुके हैं।
अजहर की निष्क्रियता देखकर यहां के वोटर उन्हें जिताने के फैसले पर अफसोस जता रहे हैं।
बसपा और कांग्रेस ने मुस्लिमों को छला
जामा मस्जिद चौराहे पर लकी इलेक्ट्रिकल्स के बाहर लोग चुनाव पर चर्चा में मशगूल हैं। निजाम हुसैन पम्मा कहते हैं, अजहर ने जो बेवफाई की, उसे यहां के लोग भूल नहीं सकते।
वे मुकामी और काम करने वाला सांसद चाहते हैं। कहते हैं, मुकाबला सपा और भाजपा के बीच है। मुसलमान बसपा को पसंद नहीं करता है।
बुजुर्ग ताहिर हुसैन उनसे कुछ नाइत्तेफाकी रखते हुए बसपा को भी मुकाबले में मानते हैं। मुमताज खान चौराहे पर लटके जर्जर तारों का तो मेहरबान अली टूटी सड़कों का जिक्र करते हैं।
कहते हैं, चुनाव में अवाम की समस्याओं की किसी को चिंता नहीं है। महताब अली कहते हैं कि बसपा और कांग्रेस ने मुस्लिमों को छला है।
केजरीवाल से थी उम्मीद, पर वो फेल हो गये
नईम हुसैन, साजिद बेगम आदि कहते हैं कि पीस पार्टी और ‘आप’ का कोई खास असर नहीं लग रहा है। वे कहते हैं कि अजहरूद्दीन और राहुल गांधी ने अर्टिजन लोन माफ कराने का वादा किया था लेकिन पूरा नहीं किया।
निजाम कहते हैं, केजरीवाल से उम्मीद थी, लेकिन वे भी फेल हो गए लगते हैं।
मुरादाबाद शहर में कल्याणपुर पर पीतल बस्ती के बाजार में कई लोग जमा हैं। शशांक यादव कहते हैं कि भाजपा का मुकाबला बसपा से होगा।
सेलिब्रिटी के रूप में अजहर को लोगों ने पलकों पर बैठाया था, लेकिन उन्होंने धोखा दे दिया।
यहां भाजपा का पलड़ा भारी
व्यापारी सुजीत और तपन गुप्ता कहते हैं कि बसपा के याकूब कुरैशी बाहरी प्रत्याशी हैं। लगता है कि भाजपा व सपा में मुकाबला होगा।
चंद्रकिशोर भटनागर को मोदी लहर में भाजपा का पलड़ा भारी नजर आ रही है।
कांठ में डीएसएम कालेज रोड पर डॉ. रामौतार अहलावत के क्लीनिक में कई लोग चुनावी चर्चा में मशगूल हैं।
नजदीकी गांव मुजफ्फरपुर टांडा के प्रधान साबिर चौधरी कहते हैं कि बसपा का प्रत्याशी बदले जाने के बाद राजनीतिक हालात बदले हैं।
बसपा के कुरैशी ने बनाया मुकाबला रोचक
पहले माना जा रहा था कि सपा-भाजपा में सीधा मुकाबला होगा लेकिन बसपा ने कुरैशी को टिकट देकर मुकाबले को रोचक बना दिया।
उनके गांव और इलाके में मुस्लिमों का रुझान हाथी के प्रति बढ़ रहा है। कहीं-कहीं सपा भी लड़ाई में दिख रही है। बेगम नूरबानो बेहतर प्रत्याशी हैं लेकिन जनता में उन्हें लेकर खास चर्चा नहीं है।
आयरन स्टोर चलाने वाले अजीत लोहिया बेबाकी से कहते हैं, भाजपा के पक्ष में हवा है, मुकाबला सीधा बसपा से है।
एसएम कालेज के पूर्व प्रवक्ता बाबू सिंह विश्नोई और रायपुर खुर्द के डॉ. केशव चौहान मुकाबले को त्रिकोणीय मानते हैं। डॉ. अहलावत कहते हैं, जाट आरक्षण के बाद जाट समाज का झुकाव अजित सिंह की तरफ है।
यंगस्टर की राय जुदा-जुदा
छजलैट में नूरपुर रोड पर महावीर यूनिवर्सिटी में बीबीए सेकंड ईयर के छात्र सबरेज अहमद और अंकुर भाटिया चाय की दुकान पर बैठे हैं।
सबरेज कहते हैं, मुकाबला भाजपा और सपा के बीच है। मायावती ने जनता का धन मूर्तियां लगवाने में खर्च किया है।
अखिलेश यादव ने कम से कम लैपटाप तो बांटे हैं। अंकुर तत्काल ही उनकी बात काटते हैं, सपा शासन में गुंडागर्दी बढ़ जाती है। कामकाज बंद हो जाता हैं। युवाओं को विकास, गांवों में रोड और रोजगार चाहिए।
12वीं का एग्जाम देने वाले मल्हपुर खैया के विशाल पहली बार के वोटर हैं। विशाल और बीए सेकंड ईयर के छात्र अमन चौधरी कहते हैं कि मोदी की लहर है। भाजपा का मुकाबला बसपा से होगा।
मतदान से पहले ध्रुवीकरण की उम्मीद
उनके पड़ोस में ट्रैक्टर केयर के संचालक सौरभ कुमार साफ कहते हैं, हिंदुओं का रुझान भाजपा और मुस्लिमों का बसपा के पक्ष में दिख रहा है। मुसलमान भाजपा प्रत्याशी को हराने वाले को वोट करेंगे।
हरथला में हार्डवेयर के संचालक हाजी अख्तर कहते हैं कि याकूब कुरैशी के आने के बाद बसपा ने चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया है। हो सकता है कि ऐन वक्त पर वोटों की शिफ्टिंग हो जाए।
कुछ ऐसी ही राय छजुपुरा के पूर्व प्रधान मेहर सिंह की है। वह भाजपा केसमर्थक हैं लेकिन मुस्लिम मतों की एकजुटता की संभावना के चलते उन्हें बसपा का पलड़ा भारी लग रहा है।
ये दिग्गज हैं मैदान में
ठाकुर सर्वेश सिंह-भाजपा
एचटी हसन-सपा
हाजी याकूब कुरैशी-बसपा
बेगम नूरबानो-कांग्रेस
विमल कश्यप-आप
इरफान-पीस पार्टी