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सीबीएसई के स्कूलों में स्पेशल बच्चों के लिए नियुक्त किए जाएंगे स्पेशल टीचर
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 18 Jun 2017 05:34 PM IST
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के स्कूलों में अब स्पेशल बच्चे (दिव्यांग) भी आम बच्चों की तरह शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। आम बच्चों के बीच में ही बैठेंगे और उनके लिए अलग से कक्षा की व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी। सीबीएसई ने संबद्ध स्कूलों में स्पेशल शिक्षक नियुक्त करने का निर्देश दिया है।
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स्पेशल बच्चे मुख्यधारा में शामिल होकर सामान्य बच्चों की भांति ही शिक्षा ग्रहण कर सकें, इसी उद्देश्य से बोर्ड ने सभी स्कूलों को यह निर्देश जारी किया है।
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बोर्ड के डिप्टी सेक्रेेटरी, संबद्धता जयप्रकाश चतुर्वेदी ने इस बाबत सभी स्कूलों को सर्कुलर जारी कर दिया है। इसके लिए बोर्ड ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का हवाला दिया है।
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जारी सर्कुलर के अनुसार स्पेशल बच्चे भी मुख्यधारा में आने के हकदार हैं। यह तभी हो पाएगा जब वे शुरुआत से ही आम बच्चों की तरह रहें, बर्ताव करें और उन्हीं के बीच रह कर शिक्षा ग्रहण करें।
बोर्ड ने जारी किए अपने सर्कुलर में इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई है कि अधिकतर सीबीएसई स्कूलों में स्पेशल एजूकेटर्स की तैनाती नहीं है। इसकी वजह से स्पेशल बच्चों को अभिभावक आम स्कूलों में भर्ती कराने से कतराते हैं। यही नहीं अधिकतर स्कूल ऐसे बच्चों के लिए सुविधाएं न होने का बहाना बनाकर उन्हें दाखिला देने से मना कर देते हैं।
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मुख्यधारा से जुड़ेंगे स्पेशल बच्चे
डेमो पिक
इससे स्पेशल बच्चे मुख्य धारा की शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। अब स्कूल ऐसा नहीं कर पाएंगे। उन्हें ऐसे स्पेशल बच्चों को अपने यहां पर दाखिला देना ही पड़ेगा।
बोर्ड ने सभी स्कूलों में स्पेशल शिक्षक की नियुक्ति को अनिवार्य कर दिया है। बोर्ड के अनुसार स्पेशल बच्चों जब मुख्य धारा में शामिल किया जाता है तो उनको कई तरह की व्यवहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासकर शिक्षा ग्रहण करने के संबंध में।
वे बाकी बच्चों के बीच बैठकर शिक्षा ग्रहण करने में असहज महसूस करते हैं। ऐसी स्थिति में स्पेशल शिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य हो जाती है ताकि स्पेशल बच्चे स्कूल के वातारण के साथ सामंजस्य बैठा सकें और बाकी बच्चों के बीच बैठकर शिक्षा ग्रहण कर सकें।
संबद्धता के नियम में किया शामिल
बोर्ड ने स्कूलों को संबद्धता देने के नियमों में भी स्पेशल शिक्षक की नियुक्ति को शामिल कर दिया है। इसके अनुसार यदि कोई भी नया स्कूल सीबीएसई से संबद्धता के लिए आवेदन करता है तो उसको यह दिखाना होगा कि उनके यहां पर बाकी शिक्षकों के अलावा स्पेशल शिक्षक की भी तैनाती है। यही नहीं जो स्कूल पूर्व में संबद्धता लेकर संचालित हो रहे हैं उन्हें भी अब स्पेशल शिक्षक की नियुक्ति करनी होगी।
बोर्ड ने सभी स्कूलों में स्पेशल शिक्षक की नियुक्ति को अनिवार्य कर दिया है। बोर्ड के अनुसार स्पेशल बच्चों जब मुख्य धारा में शामिल किया जाता है तो उनको कई तरह की व्यवहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासकर शिक्षा ग्रहण करने के संबंध में।
वे बाकी बच्चों के बीच बैठकर शिक्षा ग्रहण करने में असहज महसूस करते हैं। ऐसी स्थिति में स्पेशल शिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य हो जाती है ताकि स्पेशल बच्चे स्कूल के वातारण के साथ सामंजस्य बैठा सकें और बाकी बच्चों के बीच बैठकर शिक्षा ग्रहण कर सकें।
संबद्धता के नियम में किया शामिल
बोर्ड ने स्कूलों को संबद्धता देने के नियमों में भी स्पेशल शिक्षक की नियुक्ति को शामिल कर दिया है। इसके अनुसार यदि कोई भी नया स्कूल सीबीएसई से संबद्धता के लिए आवेदन करता है तो उसको यह दिखाना होगा कि उनके यहां पर बाकी शिक्षकों के अलावा स्पेशल शिक्षक की भी तैनाती है। यही नहीं जो स्कूल पूर्व में संबद्धता लेकर संचालित हो रहे हैं उन्हें भी अब स्पेशल शिक्षक की नियुक्ति करनी होगी।