{"_id":"650f0771c13d1f959e047b73","slug":"special-dg-prashant-kumar-said-fir-for-crimes-related-to-children-will-be-registered-at-ahtu-police-stations-2023-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News : स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार ने कहा, एएचटीयू थानों पर दर्ज होगी बच्चों से संबंधित अपराधों की प्राथमिकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News : स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार ने कहा, एएचटीयू थानों पर दर्ज होगी बच्चों से संबंधित अपराधों की प्राथमिकी
Sat, 23 Sep 2023 09:24 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 23 Sep 2023 09:24 PM IST
सार
बच्चों से संबंधित अपराधों की प्राथमिकी जिलों के मानव तस्करी विरोधी यूनिट (एएचटीयू) थानों में दर्ज की जाएगी। स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था एवं अपराध प्रशांत कुमार ने इस संबंध में समस्त पुलिस आयुक्तों एवं जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया है।
विज्ञापन
स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था एवं अपराध प्रशांत कुमार
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बच्चों से संबंधित अपराधों की प्राथमिकी जिलों के मानव तस्करी विरोधी यूनिट (एएचटीयू) थानों में दर्ज की जाएगी। स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था एवं अपराध प्रशांत कुमार ने इस संबंध में समस्त पुलिस आयुक्तों एवं जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया है।
विज्ञापन
स्पेशल डीजी की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक बाल तस्करी के प्रकरण जिनमें बाल श्रम, जबरन भिक्षावृत्ति, यौन शोषण, बलपूर्वक बाल विवाह, जबरन घरेलू कार्य, गैर कानूनी तरीके से गोद लेने आदि शामिल है, ऐसे अपराधों में पंजीकृत मुकदमों की संवेदनशीलता के मद्देनजर इनका पंजीयन एवं विवेचना एएचटीयू थानों द्वारा करायी जाये। उल्लेखनीय है कि पूरे देश में केवल यूपी एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां मानव तस्करी विरोधी यूनिट थाने बनाए गये हैं। समस्त सुविधाओं और संसाधनों वाले इन थानों में पूरा स्टाफ भी मौजूद है। इसी वजह से उप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने इन थानों में बच्चों से संबंधित अपराधों की प्राथमिकी दर्ज कराने का डीजीपी से अनुरोध किया था। वहीं, इस संबंध में महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के एडीजी ने भी डीजीपी मुख्यालय को पत्र लिखा था।
विज्ञापन