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Lucknow News: जलवायु घड़ी बताएगी पृथ्वी के विनाश में कितना बचा है समय
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विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष
विनीत चतुर्वेदी
लखनऊ। राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) शनिवार को परिसर में ''''वर्ल्ड्स लार्जेस्ट ग्लोबल क्लाइमेट क्लॉक असेंबली'''' मुहिम में शामिल होकर विश्व रिकॉर्ड बनाने के प्रयास में हिस्सा लेगा। विश्व पृथ्वी दिवस पर कार्यक्रम के जरिये ग्लोबल वार्मिंग जैसे गंभीर विषय पर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए भारत और कई देशों में एक साथ आयोजित कार्यक्रम में एनबीआरआई संस्थान भी अहम हिस्सा बन रहा है।
एनर्जी स्वराज फाउंडेशन, अटल इनोवेशन मिशन (नीति आयोग) अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की सामूहिक पहल से एनबीआरआई परिसर में शनिवार को डिजिटल ''''जलवायु घड़ी'''' का अनावरण संस्थान के निदेशक अजीत कुमार शासनी करेंगे। यह घड़ी बताएगी कि पृथ्वी का वैश्विक सतह तापमान 1.5 डिग्री और छूने में कितना समय बचा है। यह वैश्विक उत्सर्जन और तापमान डेटा को ट्रैक करेगी और लोगों को याद दिलाती रहेगी कि ग्लोबल वार्मिंग तक पहुंचने में कितना समय बचा है।
एनबीआरआई के प्रवक्ता ने बताया कि बाद में इस घड़ी को ऐसी जगह पर लगाया जाएगा, जहां से लोग वर्ष 2030 तक की उलटी गिनती देख सकेंगे। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि तब तक वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस और बढ़ जाएगा।
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अटल इनोवेशन मिशन (नीति आयोग) और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के सहयोग से विश्व की सबसे बड़ी ग्लोबल क्लाइमेट क्लॉक असेंबली को तैयार किया जा रहा है। संगठन के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संस्थानों, सरकारी निकायों सहित लगभग 10,000 संगठन अपनी जलवायु घड़ियों को पूरे भारत में इमारतों पर लगाने का लक्ष्य बना रहे हैं। (संवाद)
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विनीत चतुर्वेदी
लखनऊ। राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) शनिवार को परिसर में ''''वर्ल्ड्स लार्जेस्ट ग्लोबल क्लाइमेट क्लॉक असेंबली'''' मुहिम में शामिल होकर विश्व रिकॉर्ड बनाने के प्रयास में हिस्सा लेगा। विश्व पृथ्वी दिवस पर कार्यक्रम के जरिये ग्लोबल वार्मिंग जैसे गंभीर विषय पर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए भारत और कई देशों में एक साथ आयोजित कार्यक्रम में एनबीआरआई संस्थान भी अहम हिस्सा बन रहा है।
एनर्जी स्वराज फाउंडेशन, अटल इनोवेशन मिशन (नीति आयोग) अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की सामूहिक पहल से एनबीआरआई परिसर में शनिवार को डिजिटल ''''जलवायु घड़ी'''' का अनावरण संस्थान के निदेशक अजीत कुमार शासनी करेंगे। यह घड़ी बताएगी कि पृथ्वी का वैश्विक सतह तापमान 1.5 डिग्री और छूने में कितना समय बचा है। यह वैश्विक उत्सर्जन और तापमान डेटा को ट्रैक करेगी और लोगों को याद दिलाती रहेगी कि ग्लोबल वार्मिंग तक पहुंचने में कितना समय बचा है।
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एनबीआरआई के प्रवक्ता ने बताया कि बाद में इस घड़ी को ऐसी जगह पर लगाया जाएगा, जहां से लोग वर्ष 2030 तक की उलटी गिनती देख सकेंगे। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि तब तक वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस और बढ़ जाएगा।
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अटल इनोवेशन मिशन (नीति आयोग) और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के सहयोग से विश्व की सबसे बड़ी ग्लोबल क्लाइमेट क्लॉक असेंबली को तैयार किया जा रहा है। संगठन के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संस्थानों, सरकारी निकायों सहित लगभग 10,000 संगठन अपनी जलवायु घड़ियों को पूरे भारत में इमारतों पर लगाने का लक्ष्य बना रहे हैं। (संवाद)