{"_id":"5967415b4f1c1bb2418b4bde","slug":"special-ats-spot-will-be-developed-similar-to-nsg","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी में गंभीर अपराधों के लिए तैयार हो रही है स्पेशल पुलिस ऑपेरशन टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी में गंभीर अपराधों के लिए तैयार हो रही है स्पेशल पुलिस ऑपेरशन टीम
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Thu, 13 Jul 2017 03:16 PM IST
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- फोटो : demo pic
आतंकी घटनाओें या किसी गंभीर अपराध पर फौरन कार्रवाई के लिए एटीएस के तहत एक स्पेशल पुलिस ऑपरेशन टीम (स्पॉट) गठित करने की तैयारी है। इसका गठन एनएसजी की तर्ज पर किया जाएगा। इसके लिए एटीएस ने शासन को प्रस्ताव भेजा है।
सूत्रों का कहना है कि एटीएस ने मुख्यमंत्री से विमर्श के बाद इस परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया है।आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि किसी आतंकी हमले से निपटने या गंभीर आपराधिक घटना के समय फौरन रेस्क्यू के लिए ‘स्पॉट’ बनाने की योजना है।
यह टीम कोई भी कठिन ऑपरेशन करके आतंकी को पकड़ने, अपहृत को बचाने समेत बड़ी घटनाएं रोकने में काम आएगी। इसमें विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कमांडो को लगाया जाएगा। किसी भी घटना के समय यह टीम बिना समय गंवाए अपना ऑपरेशन शुरू कर देगी।
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इस तरह की नौ टीमें बनाने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया है। प्रस्ताव में इस टीम के लिए एक 55 सीटर बस, चौदह 32 सीटर बसें, दो 24 सीटर बसें, 13 एसयूवी और 14 ट्रकों की मांग की गई है।
ट्रकों को इस तरह बनाया जाएगा कि ऑपरेशन से संबंधित उपकरण और हथियार ले जाने में इनका इस्तेमाल किया जा सके। इसमें बम निरोधक दस्ता और श्वान दल की छह टीमें भी मांगी गई हैं। इन सबके अलावा छह बख्तर बंद गाड़ियों की मांग की गई है।
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सूत्रों का कहना है कि एटीएस ने मुख्यमंत्री से विमर्श के बाद इस परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया है।आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि किसी आतंकी हमले से निपटने या गंभीर आपराधिक घटना के समय फौरन रेस्क्यू के लिए ‘स्पॉट’ बनाने की योजना है।
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यह टीम कोई भी कठिन ऑपरेशन करके आतंकी को पकड़ने, अपहृत को बचाने समेत बड़ी घटनाएं रोकने में काम आएगी। इसमें विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कमांडो को लगाया जाएगा। किसी भी घटना के समय यह टीम बिना समय गंवाए अपना ऑपरेशन शुरू कर देगी।
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इस तरह की नौ टीमें बनाने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया है। प्रस्ताव में इस टीम के लिए एक 55 सीटर बस, चौदह 32 सीटर बसें, दो 24 सीटर बसें, 13 एसयूवी और 14 ट्रकों की मांग की गई है।
ट्रकों को इस तरह बनाया जाएगा कि ऑपरेशन से संबंधित उपकरण और हथियार ले जाने में इनका इस्तेमाल किया जा सके। इसमें बम निरोधक दस्ता और श्वान दल की छह टीमें भी मांगी गई हैं। इन सबके अलावा छह बख्तर बंद गाड़ियों की मांग की गई है।
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साढ़े छह सौ जवानों की पड़ेगी जरूरत
डेमो
इस टीम के गठन के लिए साढ़े छह सौ पुलिस जवानों की जरूरत पड़ेगी। इन जवानों को विशेष प्रकार की ट्रेनिंग दी जाएगी। हर टीम में कम से कम 70 कर्मी होंगे। साथ ही इस टीम में काम करने वालों को जोखिम भत्ता देने का प्रस्ताव भी है।
सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एटीएस के इस प्रोजेक्ट को पसंद किया है। वह चाहते हैं कि एटीएस को संसाधनों से और मजबूत किया जाए। पर, डर इस बात का है कि दूसरे कामों की तरह बाबू वर्ग इसमें अड़ंगा न लगा दे। दरअसल अखिलेश सरकार में बाबुओं की वजह से ही कई प्रोजेक्ट बहुत लेट हो गए थे। हेल्पलाइन 1090 में बाबुओं का अड़ंगा जग जाहिर था।
विशेष टीम के अलावा एटीएस ने अपने लिए भी संसाधनों की मांग की है। तीन इनोवा, छह स्कॉर्पियो, तीन फोर्ड इको वाहन, आठ बोलेरो और 50 मोटर साइकिलों की मांग की गई है।
साथ ही कंप्यूटर, हार्ड वेयर, साफ्टवेयर, उप निरीक्षक और सिपाहियों को विशेष परिस्थितियों में हवाई यात्रा के लिए अनुमति देने की मांग भी एटीएस की ओर से की गई है।
सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एटीएस के इस प्रोजेक्ट को पसंद किया है। वह चाहते हैं कि एटीएस को संसाधनों से और मजबूत किया जाए। पर, डर इस बात का है कि दूसरे कामों की तरह बाबू वर्ग इसमें अड़ंगा न लगा दे। दरअसल अखिलेश सरकार में बाबुओं की वजह से ही कई प्रोजेक्ट बहुत लेट हो गए थे। हेल्पलाइन 1090 में बाबुओं का अड़ंगा जग जाहिर था।
विशेष टीम के अलावा एटीएस ने अपने लिए भी संसाधनों की मांग की है। तीन इनोवा, छह स्कॉर्पियो, तीन फोर्ड इको वाहन, आठ बोलेरो और 50 मोटर साइकिलों की मांग की गई है।
साथ ही कंप्यूटर, हार्ड वेयर, साफ्टवेयर, उप निरीक्षक और सिपाहियों को विशेष परिस्थितियों में हवाई यात्रा के लिए अनुमति देने की मांग भी एटीएस की ओर से की गई है।