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योजना आयोग से भी बड़े बाजीगर राजबब्बर: सपा
लखनऊ/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 27 Jul 2013 12:33 PM IST
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समाजवादी पार्टी ने कहा है कि गरीबी घटाने और अमीरी बढ़ाने योजना आयोग का तरीका नायाब है। वह हर साल औसतन दो करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाल रहा है।
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अंतर्राष्ट्रीय आंकड़ों के मुताबिक 1981 में जहां दुनिया के 22 प्रतिशत गरीब भारत में थे, वहीं अब उनकी तादाद बढ़कर 33 प्रतिशत हो गई है।
जाहिर है कि कांग्रेस की अगुवाई वाली केंद्र सरकार गरीबों के आंकड़ों को लेकर चुनाव से पहले जनता से छल करने पर उतारू है।
सपा के प्रदेश प्रवक्ता और कारागार एवं खाद्य रसद मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि कांग्रेस राज में मंहगाई, भ्रष्टाचार, गरीबी और भुखमरी बेलगाम हुई है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर हम पिछड़ते जा रहे हैं। इस सबसे ध्यान बंटाने के लिए नए-नए शिगूफे छोड़ना कांग्रेस की फितरत हैं।
केंद्रीय योजना आयोग ने कांग्रेस के इशारे पर गरीबी हटाओ योजना को गरीब मिटाओ योजना में बदलने का बीड़ा उठा लिया है। उसके मुताबिक गांवों में 27 रुपए रोज और शहर में 33 रुपये प्रतिदिन रोज कमाने वाले गरीब नहीं माने जाएंगे।
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उन्होंने कहा, योजना आयोग से भी बड़े बाजीगर राजबब्बर और रशीद मसूद जैसे कांग्रेस नेता हैं जिनका दावा है कि मुम्बई में 12 रुपये में और दिल्ली में पांच रुपये में भरपेट भोजन मिल जाता है।
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यह गरीबों के साथ शर्मनाक मजाक है। केंद्र सरकार के गरीबी संबंधी ताजा आंकड़ों ने यह जाहिर कर दिया है कि गांव गरीब और किसान से उसका कुछ लेना देना नहीं है। वह पूंजी घरानों के स्वार्थों की पोषक सरकार है।