नगर निगम सदन में भी सपा आगे
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समाजवादी पार्टी का होने के बाद भी निर्दलीय कहलाने वाले 20 पार्षदों पर
शनिवार को पार्टी कार्यालय में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खुद इनको पार्टी पार्षद की मान्यता दी। इसके बाद अब नौ नामित पार्षदों के साथ सपा विधानसभा की तरह नगर निगम में भी नंबर वन हो गई है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विवेकानंदपुरी वार्ड के पार्षद शैलेंद्र सिंह बल्लू के कार्य की सराहना भी की। बल्लू ने चुनाव में इस बार सबसे अधिक मतों से जीत हासिल की थी।
नगर
निगम सदन में सपा के निर्वाचित, नामित व पदेन सदस्यों की तादाद अब 58 हो
गई है। जो एक और नामित पार्षद का मनोनयन होने के बाद 59 हो जाएगी। सरकार को
नगर निगम सदन में दस नामित पार्षदों के मनोनयन का अधिकार है। जिसमें से नौ
का मनोनयन हो चुका है।
अब तक भाजपा कुल 53 सदस्य के साथ नंबर वन थी।
कांग्रेस 12 सदस्यों के साथ तीसरे नंबर है। बसपा समर्थितों व निर्दलीय
पार्षदों की संख्या 10 है। बीते साल हुए नगर निगम चुनाव में सपा ने अपने
प्रत्याशियों को पार्टी का चुनाव चिह्न आवंटित नहीं किया था।
इससे पार्टी
समर्थित प्रत्याशियों ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था।
हालांकि सपा नगर अध्यक्ष की ओर से पत्र आने के बाद नगर निगम सदन में पार्षद
यावर हुसैन रेशू को सपा पार्षद दल का नेता माना जाता है।
इसी तरह बसपा ने
भी चुनाव में पार्षदों को पार्टी का चुनाव चिह्न नहीं आवंटित किया था। इससे
बसपा समर्थित पार्षद भी अभी निर्दलीय ही माने जाते हैं। नगर निगम सदन में
बसपा पार्षद दल का कोई नेता भी नहीं है।
बसपा की ओर से इस संबंध में कोई
पत्र भी महापौर को नहीं लिखा गया है। वहीं, नामित पार्षदों ने निर्वाचित
पार्षदों की तरह विकास कार्य का कोटा नगर निगम में दिलाए जाने की मांग
मुख्यमंत्री की है।