Manipur: सपा सांसद की मांग, मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाए केंद्र, हालात बेकाबू, जनता का सीएम पर भरोसा नहीं
सपा सांसद रामगोपाल यादव ने मणिपुर हिंसा पर कहा है कि केंद्र को वहां राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए। जनता के एक वर्ग का मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं रह गया है।
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मणिपुर में करीब ढ़ाई महीने से जारी हिंसा और महिलाओं के विचलित करने वाले वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद सत्र के पहले दिन बयान दिया है। इसके बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार से इस पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा है कि मणिपुर के हालात बेकाबू हो गए हैं। केंद्र सरकार को वहां राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए। जनता के एक वर्ग का मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं रह गया है। जब जनता का प्रशासन पर भरोसा नहीं रह जाता है तो कभी शांति बहाल नहीं हो सकती है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। मणिपुर के मुख्यमंत्री राज्य के हालात संभालने में नाकाम साबित हुए हैं। राष्ट्रपति शासन लगाकर हालात को संभाला जा सकता है।
सपा सांसद ने मणिपुर हिंसा पर पीएम मोदी की अब तक जारी रही चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि वो देश-दुनिया में भाषण देते रहते हैं पर मणिपुर हिंसा में अब तक नहीं बोले।
#WATCH | Samajwadi Party MP Ram Gopal Yadav says, "Central government should take concrete action. Mismanagement has happened because of Manipur's CM. President's rule should be imposed there. If one section doesn't trust the CM, peace can't be established. PM gives good speeches… pic.twitter.com/zfsbRPj69m
— ANI (@ANI) July 20, 2023
प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को निर्वस्त्र करने के विचलित करने वाले वीडियो वायरल होने के बाद इस घटना को पूरे देश के लिए शर्मसार करने वाला बताया है। संसद सत्र के पहले दिए गए अपने बयान में उन्होंने कहा कि 'मेरा हृदय पीड़ा से भरा है, क्रोध से भरा है। मणिपुर की जो घटना सामने आई है, वह किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। पाप करने वाले, गुनाह करने वाले, कितने हैं-कौन हैं, यह अपनी जगह है, लेकिन बेइज्जती पूरे देश की हो रही है। 140 करोड़ देशवासियों को शर्मसार होना पड़ रहा है। सभी मुख्यमंत्रियों से आग्रह करता हूं कि वे माताओं-बहनों की रक्षा करने के लिए कठोर से कठोर कदम उठाएं।'