फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   SP is planning for UP assembly election.

...यूं ही नहीं संघ और मोदी हैं सपा के निशाने पर

Sat, 11 Oct 2014 04:26 PM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 11 Oct 2014 04:26 PM IST
विज्ञापन
SP is planning for UP assembly election.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन से साफ हो गया कि उसकी कोशिश विधानसभा के अगले चुनाव में भाजपा के साथ ही अखाड़ा सजाने की है। उसे पता है कि भाजपा से दो-दो हाथ करने पर 2017 में उसका मकसद हल हो सकता है।

विज्ञापन


इसीलिए अधिवेशन के दौरान नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नाम लेकर निशाने साधे गए।

हालांकि मंच से तो ज्यादातर वक्ताओं ने विधानसभा के अगले चुनाव में सपा को फिर बहुमत मिलने का दावा किया, पर कुछ प्रमुख नेताओं ने बार-बार पार्टी में एकजुटता, गद्दारों को दंडित करने और पिछड़ों व मुसलमानों को सांप्रदायिक शक्तियों से सावधान रहने की बात कही।
विज्ञापन


इससे साफ हो गया कि उपचुनाव में जीत को मोदी का फीका पड़ता जादू जैसे दावे करने के बावजूद सपाई खेमे में 2017 के विधानसभा चुनाव की चिंताएं बरकरार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

मुलायम को पता है कि लोग संतुष्ट नहीं

SP is planning for UP assembly election.

शायद इसीलिए अंतिम दिन मुलायम सिंह यादव ने कार्यकर्ताओं को बार-बार यह बात समझाने का प्रयास किया कि सत्ता में भले हों लेकिन अन्याय के खिलाफ संघर्ष न बंद करें।

उन्होंने साफगोई से स्वीकार किया कि किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना दिलाने का वादा पूरा नहीं कर पाए। इससे जाहिर हो गया कि सपा मुखिया समर्थकों को अपनी मजबूरियां बताकर उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

भले ही दूसरे नेता घोषणा पत्र के 90 प्रतिशत वादे पूरा कर देने का दावा कर रहे हों लेकिन मुलायम को एहसास है कि सरकार के कामकाज से लोग बहुत संतुष्ट नहीं हैं।

इसीलिए उन्होंने किसानों और पिछड़ों के लिए अब तक कुछ न कर पाने की बात कही। साथ ही आश्वस्त किया कि केंद्र से बात करके इस सिलसिले में कुछ न कुछ करने की कोशिश जरूर करेंगे।

ध्रुवीकरण की कवायद

SP is planning for UP assembly election.

राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि सपा के रणनीतिकारों को पता है कि लोकसभा चुनाव में मोदी की अगुआई में भाजपा ने पिछड़ों व दलितों के बीच सेंधमारी की। उधर, बसपा और कांग्रेस की तरफ से मुसलमानों में वोटों के बंटवारे ने सपा को नुकसान पहुंचाया। इसीलिए उन्होंने अधिवेशन के जरिये भाजपा व संघ परिवार पर निशाना साध दिया है, जिससे मुस्लिम वोट उनके साथ लामबंद हो सके।

सपा जानती है कि वह भाजपा पर जितना हमला बोलेगी, मुसलमानों के बीच उसकी पैठ उतनी ही बनेगी। यही वजह रही कि आजम हों अथवा अहमद हसन या फिर पार्टी के दूसरे नेता, उन्होंने मुसलमानों को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। लव जेहाद से लेकर ईद की बधाई तक को मुद्दा बनाया गया।

भाजपा को भी सुविधा: उधर, भगवा टोली को भी सपा के इस रवैये से फायदा दिख रहा है। उसे पता है कि सपा के पक्ष में मुसलमान जितने ज्यादा लामबंद होंगे, उतना ही ज्यादा उसे लाभ होगा।

शायद इसीलिए उसकी तरफ से सपा के हमलों पर बहुत ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी जा रही है। दी भी जाती है तो इस तरह कि सपा की मुस्लिम हितैषी छवि का प्रचार करके लाभ हासिल किया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed