डैमेज कंट्रोल मोड में सपा, पद देकर मना रहे 'अपनों' को
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यूपी चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी में असंतुष्टों को मनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। किसी को पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी में जगह देकर महत्व दिया जा रहा है तो किसी को आनुषंगिक संगठनों में अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
इसी अभियान का असर है कि फरवरी में ही 50 से ज्यादा नेताओं और कार्यकर्ताओं को विभिन्न पदों पर तैनात किया गया है।
सपा जहां पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे बागियों और सीधे उनकी मदद कर रहे कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता दिखा रही है, वहीं घर पर चुपचाप बैठे असंतुष्टों को मनाने का प्रयास भी कर रही है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सपा में पारिवारिक विवाद के दौरान जिन कार्यकर्ताओं ने फेसबुक या वाट्सएप के जरिये मुख्यमंत्री अखिलेश यादव में अपनी आस्था व्यक्त की, उन्हें भी पद देकर अहमियत दी जा रही है।
फेसबुक पर पोस्ट डालने वालों को मिला प्रवक्ता पद
बरेली के एक नेता फेसबुक वॉल पर अखिलेश के पक्ष में पोस्ट डालते रहे, उन्हें इनाम के तौर पर पार्टी ने हाल ही में प्रवक्ता का पद दिया गया है।
वहीं बांदा के एक नेता को शनिवार को ही समाजवादी युवजन सभा की प्रदेश कार्यकारिणी में जगह दी गई है। इस तरह से फरवरी में अब तक हर दिन औसतन 2-3 नेताओं को सपा या उसके आनुषंगिक संगठनों की प्रदेश या राष्ट्रीय कार्यकारिणी में एडजस्ट किया गया है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि छठे और सातवें चरण के चुनाव वाले पूर्वांचल के 14 जिलों में आने वाले दो-तीन दिनों में तकरीबन दो दर्जन नेताओं को पदाधिकारी बनाने की योजना है।