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पूर्वांचल में सपा ने झोंकी ताकत : अति पिछड़ों पर फोकस, पांचवें व छठे चरण में बढ़त बनाना जरूरी मानती है सपा
Sat, 26 Feb 2022 05:12 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sat, 26 Feb 2022 05:12 AM IST
सार
पांचवें और छठे चरण में 118 सीटों पर चुनाव होना है। पिछले चुनाव में भाजपा को इनमें से 91 सीटें मिली थीं। सपा-बसपा ने 8-8 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को 2 और अन्य को 9 सीटें मिली थीं। इसमें बसपा के सात विधायक अब सपा मेें हैं। वहीं, सपा 51, बसपा 38 और कांग्रेस 15 सीटों पर दूसरे स्थान पर रही थी।
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समाजवादी पार्टी।
- फोटो : लखनऊ
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विस्तार
सपा ने पूर्वांचल में ताकत झोंक दी है। पार्टी पांचवें और छठे चरण के चुनाव को काफी अहम मान रही है। इन चरणों में सपा ने अति पिछड़ी जातियों पर खास फोकस करने की रणनीति बनाई है। इसके लिए 27 पिछड़ी जाति के नेताओं को विधानसभा क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपी है। अन्य पिछड़े वर्ग के वरिष्ठ नेताओं को भी संबंधित जिलों में भ्रमण के निर्देश दिए गए हैं।
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पांचवें और छठे चरण में 118 सीटों पर चुनाव होना है। पिछले चुनाव में भाजपा को इनमें से 91 सीटें मिली थीं। सपा-बसपा ने 8-8 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को 2 और अन्य को 9 सीटें मिली थीं। इसमें बसपा के सात विधायक अब सपा मेें हैं। वहीं, सपा 51, बसपा 38 और कांग्रेस 15 सीटों पर दूसरे स्थान पर रही थी। सपा के रणनीतिकारों का मानना है कि इन दोनों चरणों की सीटों पर अति पिछड़े वर्ग के मतदाताओं की अहम भूमिका है। सपा के साथ मुस्लिम और यादव का गठजोड़ है। जहां दूसरी जाति के उम्मीदवार है, वहां संबंधित जाति का भी वोट मिल रहा है। चुनावी वैतरणी पार करने के लिए अति पिछड़े वर्ग की जातियों की गोलबंदी जरूरी है। कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, बिंद, भर, राजभर, बाथम, मांझी, गोंड आदि की आबादी अलग-अलग सीटों पर करीब 10 फीसदी से अधिक मानी जाती है। यह वोटबैंक सियासी चेहरे के अनुसार इधर-उधर होता रहा है।
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सपा का मानना है कि परंपरागत वोट बैंक के साथ चौहान, राजभर भी साथ आए हैं। ऐसे में इन अति पिछड़े वर्ग की जातियों को गोलबंद करके बढ़त बनाई जा सकती है। इसी मंशा के तहत सपा ने दो चरणों के लिए विधानसभा क्षेत्रवार 27 प्रभारी घोषित किए हैं। ये सभी कश्यप, प्रजापति, निषाद, नाई, सैनी, मौर्य बिरादरी के हैं। इन सभी को मतदान के दिन तक क्षेत्र में रहने का निर्देश दिया गया है। पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप स्टार प्रचारक के रूप में डटे हुए हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित शीर्ष नेता भी हर दिन तीन से पांच जनसभाएं कर रहे हैं। सपा के मीडिया प्रभारी एमएलसी आनंद भदौरिया का दावा है कि पार्टी को हर वर्ग का वोट मिल रहा है। जिस क्षेत्र में अति पिछड़ी जातियां ज्यादा हैं, वहां संबंधित जाति के नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है।
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दलित नेताओं को भी मैदान में उतारा
सपा ने पांचवें और छठे चरण में दलित नेताओं को भी मैदान में उतारा है। पूर्व मंत्री केके गौतम प्रयागराज और प्रतापगढ़ में डेरा डाले हैं। वे हर दिन तीन से पांच जनसभा कर रहे हैं। इसी क्षेत्र में इंद्रजीत सरोज सहित अन्य नेता भी हैं।
डिंपल-जया भी प्रचार में जुटीं
स्टार प्रचारकों की पहली सूची में नाम होने के बाद भी तीन चरणों तक बाहर न निकलने वाली पूर्व सांसद डिंपल यादव और राज्यसभा सदस्य जया बच्चन भी इन दोनों चरणों में प्रचार के लिए मैदान में उतर चुकी हैं। प्रयागराज, कौशांबी के बाद वे शनिवार को जौनपुर में जनसभा को संबोधित करेंगी। आगे भी उनके अलग-अलग जिलों में कार्यक्रम हैं।