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Lucknow News: मकान पर कब्जे के विवाद में सपा पार्षद का हंगामा, पुलिस से धक्कामुक्की

Tue, 03 Feb 2026 02:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Tue, 03 Feb 2026 02:32 AM IST
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SP councilor creates ruckus over house possession dispute, scuffles with police
पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि और उनके समर्थकों को ले जाती पुलिस।
लखनऊ। मकान कब्जे के विवाद में सोमवार को सपा पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि ने इंदिरानगर के बस्तौली गांव में जमकर हंगामा किया। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने सपा पार्षद और उनके पांच साथियों को हिरासत में ले लिया। पार्षद को हिरासत लेने की खबर पाकर उनके समर्थक गाजीपुर थाने पहुंच गए। सैकड़ों समर्थकों ने थाने का घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने समझाने की कोशिश की तो धक्कामुक्की शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने लाठी फटकार कर लोगों को खदेड़ा।
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बस्तौली गांव में रामचंद्र परिवार के साथ एक मकान में कई साल से रह रहे थे। इस मकान की कब्जेदारी को लेकर रामचंद्र का मैनपुरी में तैनात दरोगा जितेंद्र मोहन से विवाद चल रहा था। जितेंद्र ने कोर्ट में केस किया था, जहां से वह जीत गए थे। एसीपी गाजीपुर ए. विक्रम सिंह के मुताबिक कोर्ट के आदेश पर पुलिस और राजस्व की टीम ने 31 जनवरी को कब्जा खाली कराया था। इसके बाद जितेंद्र ने वहां ताला लगा दिया था। पार्षद ने उस दिन भी समर्थकों के साथ काफी हंगामा किया था। सुरक्षा के लिहाज से बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी व पीएसी तैनात की गई थी। कब्जा हटाए जाने से नाराज पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि, दूसरे पक्ष के रामचंद्र व अन्य के साथ धरना दे रहे थे। सोमवार को पार्षद रामचंद्र के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और मामले की शिकायत की। कोर्ट का आदेश देखकर डीएम ने भी किसी कार्रवाई से इन्कार कर दिया। इससे नाराज पार्षद वापस लौटे और जितेंद्र के मकान का ताला तोड़ दिया।
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बुलानी पड़ी 10 थानों की फोर्स

पुलिस को जब मामले की जानकारी हुई तो पार्षद और उनके समर्थकों को ऐसा करने से रोका गया। इसपर पार्षद पुलिसकर्मियों से ही भिड़ गए। रामचंद्र, सुरेंद्र व अन्य ने धक्कामुक्की शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना दी। इसके बाद 10 थानों की पुलिस को मौके पर भेजा गया। पुलिस पार्षद को घसीटते हुए थाने लेकर पहुंची। इसके बाद बड़ी संख्या में समर्थक थाने के बाहर जमा हो गए। सभी ने थाने का घेराव करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। एसीपी ने बताया कि छह लोगों को हिरासत में लेकर शांति भंग की कार्रवाई की गई है।
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सड़क पर लगाया जाम, पुलिस ने भांजी लाठी

समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने पार्षद को गलत ढंग से हिरासत में लिया। समर्थकों ने पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दी। इससे आवागमन भी बाधित हो गया। जाम लगता देख पुलिस ने लाठी फटकार कर हंगामा कर रहे लोगों को वहां से खदेड़ दिया। पुलिस का कहना है कि अराजकता फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। सभी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।


कोर्ट ने जारी किया था अवमानना नोटिस
दरअसल, जितेंद्र की अर्जी पर कोर्ट ने 31 मई 2025 को मकान से कब्जा खाली कराने का आदेश दिया था। पुलिस ने जब पड़ताल की तो पता चला कि कब्जा खाली कराने पर स्थानीय लोग हंगामा कर सकते हैं। इसकी वजह से निर्धारित तिथि पर कब्जा खाली नहीं हो सका। उधर, जितेंद्र ने कब्जा न मिलने पर कोर्ट का फिर से दरवाजा खटखटाया। इस पर कोर्ट ने पुलिस आयुक्त, एसीपी गाजीपुर और इंस्पेक्टर गाजीपुर के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आननफानन कब्जा खाली कराया था।

पार्षद सुरेंद्र वाल्मीकि और उनके समर्थकों को ले जाती पुलिस।

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