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Lucknow News: देख पाने में असमर्थ पीड़ित के प्लॉट पर किसी और बना लिया स्कूल
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जनता अदालत में पड़ोसी के साथ पहुंचे मेहरबान अली।
लखनऊ। दुनिया देख पाने में असमर्थ मेहरबान अली अपने प्लॉट पर कब्जा पाने की उम्मीद में बृहस्पतिवार को एक बार फिर एलडीए की जनता अदालत में पहुंचे। उन्होंने बताया कि पत्नी सितारा बेगम के नाम पर प्राधिकरण ने करीब 25 वर्ष पहले सरोजनीनगर योजना में ईडब्ल्यूएस भूखंड आवंटित किया था। वर्ष 2024 में इसकी रजिस्ट्री भी हो गई, पर अब तक कब्जा नहीं मिला। दो वर्ष से चक्कर काट रहे मेहरबान अली का कहना है कि कब्जा करने वाले ने उनके भूखंड को अपने में मिलाकर स्कूल बना लिया है। इस बार भी मेहरबान अली को आश्वासन ही मिला।
जनता अदालत में इसी तरह कब्जे, अवैध निर्माण और जमीन का मुआवजा किसी और को दिए जाने जैसे 32 मामले आए। इनमें से नौ की शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। बाकी को जांच के बाद निस्तारित करने का आश्वासन दिया गया। जनता अदालत में सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक शिकायतें सुनी गईं। मेहरबान अली ने बताया कि शारदानगर योजना के रजनी खंड में पत्नी को 330 वर्गफीट का प्लॉट आवंटित हुआ था। कुछ लोगों ने उनकी जमीन को अपने स्कूल में मिला लिया है। इस कारण वे अभी भी किराये के मकान में रहने पर मजबूर हैं। पुलिस से शिकायत पर भी कुछ नहीं हुआ। एलडीए के बाबू टहला रहे हैं। अब वीसी से मिलने आया हूं। मेहरबान अली ने बताया कि छह वर्ष पहले उनकी आंखों की रोशनी चली गई। ऐसे में किसी का सहारा लेकर यहां तक आना पड़ता है।
जानकीपुरम के गुड्डू रावत ने बताया कि ईडब्ल्यूएस योजना में बहनोई को मकान आवंटित हुआ था। इसकी किस्त वह जमा कर रहे थे। 2024 में बहनोई की मौत के बाद उनकी बहन मकान को अपने नाम कराने के लिए दौड़ रही है, लेकिन एलडीए से जानकारी नहीं मिल रही है। बताया कि बहन बीमार है, इसलिए उसे आना पड़ रहा है। उधर, एलडीए वाले कह रहे हैं कि मकान किसी और को आवंटित कर दिया गया है। यदि ऐसा करने की कोई वजह थी तो एलडीए को नोटिस भेजना चाहिए था।
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सीतापुर रोड के पूरब गांव से आए भगवती प्रसाद ने कहा कि नैमिषनगर योजना के पूरब गांव में उनकी जमीन है, लेकिन मुआवजा किसी और को दे दिया गया है। वह कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं, पर अभी तक समाधान नहीं हुआ है। मुआवजा नहीं मिला तो वह कड़ा कदम उठाने को विवश होंगे।
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ये शिकायतें भी आईं
गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर छह के वैष्णव खंड जनकल्याण समिति की अध्यक्ष नीलिमा जोशी ने बताया कि भवन संख्या-213, 214, 138, 139, 140, 141, 142 के सामने कब्जा कर दुकानें बना ली गईं हैं। ठेले लगाए जा रहे हैं।
0 रमेश कुमार ने बताया कि सिकंदरपुर, सेक्टर-ए सीतापुर रोड योजना में उनकी जमीन गई थी। इसके एवज में जीवनयापन के लिए एक चबूतरा एलडीए ने आवंटित किया। वह उनकी जगह पर बाराबंकी के किसी व्यक्ति को आवंटित कर दिया गया है।
0 अमीनाबाद निवासी जसविंदर सिंह ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद उनकी बड़ी बहन रमनिक कौर ने 2015 में ट्रांसपोर्टनगर स्थित प्लॉट को उनकी और दूसरी बहन अमृत कौर की सहमति के बिना पंजीकृत डीड से हस्तांतरित कर दिया। उस समय दोनों भाई-बहन नाबालिग थे और संबंधित संपत्ति एलडीए की लीज होल्ड थी। इसके बावजूद जमीन बेची गई।
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जनता अदालत में इसी तरह कब्जे, अवैध निर्माण और जमीन का मुआवजा किसी और को दिए जाने जैसे 32 मामले आए। इनमें से नौ की शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। बाकी को जांच के बाद निस्तारित करने का आश्वासन दिया गया। जनता अदालत में सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक शिकायतें सुनी गईं। मेहरबान अली ने बताया कि शारदानगर योजना के रजनी खंड में पत्नी को 330 वर्गफीट का प्लॉट आवंटित हुआ था। कुछ लोगों ने उनकी जमीन को अपने स्कूल में मिला लिया है। इस कारण वे अभी भी किराये के मकान में रहने पर मजबूर हैं। पुलिस से शिकायत पर भी कुछ नहीं हुआ। एलडीए के बाबू टहला रहे हैं। अब वीसी से मिलने आया हूं। मेहरबान अली ने बताया कि छह वर्ष पहले उनकी आंखों की रोशनी चली गई। ऐसे में किसी का सहारा लेकर यहां तक आना पड़ता है।
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जानकीपुरम के गुड्डू रावत ने बताया कि ईडब्ल्यूएस योजना में बहनोई को मकान आवंटित हुआ था। इसकी किस्त वह जमा कर रहे थे। 2024 में बहनोई की मौत के बाद उनकी बहन मकान को अपने नाम कराने के लिए दौड़ रही है, लेकिन एलडीए से जानकारी नहीं मिल रही है। बताया कि बहन बीमार है, इसलिए उसे आना पड़ रहा है। उधर, एलडीए वाले कह रहे हैं कि मकान किसी और को आवंटित कर दिया गया है। यदि ऐसा करने की कोई वजह थी तो एलडीए को नोटिस भेजना चाहिए था।
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सीतापुर रोड के पूरब गांव से आए भगवती प्रसाद ने कहा कि नैमिषनगर योजना के पूरब गांव में उनकी जमीन है, लेकिन मुआवजा किसी और को दे दिया गया है। वह कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं, पर अभी तक समाधान नहीं हुआ है। मुआवजा नहीं मिला तो वह कड़ा कदम उठाने को विवश होंगे।
ये शिकायतें भी आईं
गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर छह के वैष्णव खंड जनकल्याण समिति की अध्यक्ष नीलिमा जोशी ने बताया कि भवन संख्या-213, 214, 138, 139, 140, 141, 142 के सामने कब्जा कर दुकानें बना ली गईं हैं। ठेले लगाए जा रहे हैं।
0 रमेश कुमार ने बताया कि सिकंदरपुर, सेक्टर-ए सीतापुर रोड योजना में उनकी जमीन गई थी। इसके एवज में जीवनयापन के लिए एक चबूतरा एलडीए ने आवंटित किया। वह उनकी जगह पर बाराबंकी के किसी व्यक्ति को आवंटित कर दिया गया है।
0 अमीनाबाद निवासी जसविंदर सिंह ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद उनकी बड़ी बहन रमनिक कौर ने 2015 में ट्रांसपोर्टनगर स्थित प्लॉट को उनकी और दूसरी बहन अमृत कौर की सहमति के बिना पंजीकृत डीड से हस्तांतरित कर दिया। उस समय दोनों भाई-बहन नाबालिग थे और संबंधित संपत्ति एलडीए की लीज होल्ड थी। इसके बावजूद जमीन बेची गई।

जनता अदालत में पड़ोसी के साथ पहुंचे मेहरबान अली।