6,615 शिक्षक भर्ती में ग्रहण, रद्द होंगी कई नियुक्तियां
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माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रशिक्षित शिक्षक (एलटी) भर्ती में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले 375 अभ्यर्थियों की नियुक्तियां रद्द कर दी हैं। इसमें 220 पुरुष व 155 महिला अभ्यर्थी हैं।
यह स्थिति तब है जब 2909 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया गया है। शासन से लेकर निदेशालय तक अब इसको लेकर सतर्क है। वहीं फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है। फर्जी प्रमाण पत्र लगाने का खुलासा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को मंडलवार प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर हुआ है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने राजकीय इंटर कॉलेजों में 6,615 शिक्षकों की भर्ती खोली थी। मंडल स्तर पर भर्ती का अधिकार मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को दिया गया। कुल पदों में 2633 पुरुष व 3882 महिला शिक्षकों के पद हैं। मंडलीय स्तर पर होने वाली भर्ती मेरिट के आधार पर शुरू की गई।
मेरिट के आधार पर होने वाली भर्ती में स्थान पाने के लिए अभ्यर्थियों ने खूब फर्जीवाड़ा किया। अधिकतर मंडलों में फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी हथियाई गई। इसका खुलासा उस समय हुआ जब लखनऊ विश्वविद्यालय को प्रमाण पत्रों की जांच में भारी गड़बड़ी मिली।
इन जिलों में इतने फर्जी प्रमाण पत्र
लखनऊ मंडल में जांच के दौरान 113 पुरुष व 83 महिला अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। वाराणसी में 92 पुरुष व 61 महिला अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए।
बरेली में पांच पुरुष व चार महिला, कानपुर में दो पुरुष व एक महिला तथा मिर्जापुर में आठ पुरुष व छह महिला अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं।
यह स्थिति तब है जब प्रदेश में मात्र 2909 अभ्यर्थियों को शिक्षक का नियुक्ति पत्र बांटा गया। पात्रों में 742 शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण किया है, इसमें 301 पुरुष व 441 महिला शिक्षिकाएं हैं।
बर्खास्त कर होगी एफआईआर
माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमर नाथ वर्मा ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को भेजे निर्देश में कहा है कि संदेह के आधार पर भर्ती होने वालों के प्रमाण पत्रों की जांच कराई जाए।
इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वर्मा ने यह भी निर्देश दिया है कि इसकी सूचना उन्हें देने के साथ अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक को भी दी जाए।