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Lucknow News: कोचिंग सेंटरों में सॉल्वर गिरोह ने फैला रखा था नेटवर्क, दबिश जारी

Thu, 09 Oct 2025 02:23 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Oct 2025 02:23 AM IST
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Solver gang had spread its network in coaching centres, raids are underway
लखनऊ। बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) क्लर्क परीक्षा-2025 में सॉल्वर गिरोह के पकड़े जाने के बाद नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस को आरोपियों के पास से मिले लैपटॉप और मोबाइल फोन में अहम साक्ष्य मिले हैं। छानबीन में पता चला है कि गिरोह ने कोचिंग सेंटरों में नेटवर्क फैला रखा था। यहीं से दलाल अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देते थे।
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डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक गिरफ्तार किए गए गिरोह के सरगना और उसके अन्य साथियों के कार्यस्थल पर पत्राचार किया जाएगा। आरोपियों ने वहां किस आधार पर नौकरी पाई थी, इसकी भी जांच होगी। सरगना आनंद यूपी ग्रामीण बैंक संभल में सहायक मैनेजर है। वहीं, एक अन्य आरोपी भागीरथ शर्मा यूपी ग्रामीण बैंक, पीपल मुरादाबाद में क्लर्क है, जबकि दूसरा लखीसराय निवासी सुधांशु कुमार यूको बैंक में ही स्केल-1 अफसर है। यही नहीं, बिहार के गोपालगंज निवासी मुकेश कुमार ईपीएफओ क्लर्क है।
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पुलिस इन सभी के विभागों को पत्र भेज रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। इसके अलावा भागे आरोपियों योगेंद्र कुमार, आकाश दीप, शिव कुमार और एक अज्ञात युवक की तलाश में पुलिस टीम बिहार में दबिश दे रही है। आरोपियों के माेबाइल फोन बंद जा रहे हैं। सभी भूमिगत हो गए हैं। लखनऊ पुलिस ने बिहार बिहार पुलिस से भी संपर्क कर आरोपियों के बारे में जानकारी साझा की है। पुलिस ने आरोपियों के परिजनों से भी संपर्क किया है। डीसीपी का कहना है कि भागे आरोपियों के पकड़े जाने के बाद कोचिंग सेंटर के संचालकों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी।
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शॉर्टकट दिखाकर वसूलते थे रकम

छानबीन में सामने आया है कि गिरोह छात्रों को शॉर्टकट का रास्ता दिखाकर वसूली करते थे। वह छात्रों को पढ़ाई से भटकाते थे और पांच लाख 20 हजार रुपय में नौकरी देने की गारंटी देते थे। गिरोह ने बिहार के अलावा यूपी, झारखंड और दिल्ली के कोचिंग सेंटर में भी जाल फैला रखा था। यही वजह है कि पढ़ाई लिखाई करने वाले छात्र उनकी बातों में आकर फंस जाते थे। सरगना आनंद कुमार खुद दो लाख रुपये लेता था।
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