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टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस से कराएं महिला एवं बाल संरक्षण गृहों का होगा सोशल ऑडिट : हाईकोर्ट
Sat, 20 Apr 2019 12:44 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 20 Apr 2019 12:44 PM IST
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Lucknow High Court
प्रदेश के महिला एवं बाल संरक्षण गृहों का सोशल ऑडिट होगा। इसके तहत संरक्षण गृहों को मिलने वाले अनुदान और उसके उद्देश्यों की पूर्ति संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गुरुवार को उस याचिका पर दिया है, जिसमें इन संरक्षण गृहों की हालत में सुधार के लिए राज्य सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस राजन रॉय ने मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस से सोशल ऑडिट कराने का आदेश दिया है। याचिका में कहा गया है कि प्रदेश में लगभग दो सौ सरकारी संरक्षण गृह हैं। इनमें एक दर्जन से अधिक राजधानी लखनऊ में है।
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यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गुरुवार को उस याचिका पर दिया है, जिसमें इन संरक्षण गृहों की हालत में सुधार के लिए राज्य सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।
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जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस राजन रॉय ने मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस से सोशल ऑडिट कराने का आदेश दिया है। याचिका में कहा गया है कि प्रदेश में लगभग दो सौ सरकारी संरक्षण गृह हैं। इनमें एक दर्जन से अधिक राजधानी लखनऊ में है।
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इसके अलावा प्रदेश में सैकड़ों निजी संरक्षण गृह हैं, जिन्हें चलाने के लिए अनुदान मिलता है। इनमें से तमाम संरक्षण गृहों में समय-समय पर गड़बड़ी और उनकी बदहाल दशा के मामले सामने आते रहे हैं।
लगभग तीन साल पहले केंद्र सरकार ने इसके लिए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट भी बनाया था। पर, इन संरक्षण गृहों की दशा में अपेक्षाकृत सुधार नहीं आ सका है। अब हाईकोर्ट ने इन संरक्षण गृहों के सोशल ऑडिट के निर्देश दिए हैं। ऑडिटरिपोर्ट मिलने पर अदालत इन संरक्षण गृहों के सुधार के लिए राज्य सरकार को नए सिरे से निर्देश जारी करेगी।
लगभग तीन साल पहले केंद्र सरकार ने इसके लिए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट भी बनाया था। पर, इन संरक्षण गृहों की दशा में अपेक्षाकृत सुधार नहीं आ सका है। अब हाईकोर्ट ने इन संरक्षण गृहों के सोशल ऑडिट के निर्देश दिए हैं। ऑडिटरिपोर्ट मिलने पर अदालत इन संरक्षण गृहों के सुधार के लिए राज्य सरकार को नए सिरे से निर्देश जारी करेगी।